सहकारिता के क्षेत्र में डब्ल्यू.यू. हॅराथ (श्रीलंका) को वेदराम अंतरराष्ट्रीय पुरस्कार, भुट्टिको में सजे राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय सम्मान

कुल्लू : देश-विदेश में प्रसिद्ध बुनकर सोसाइटी भुट्टिको के सभागार में ठाकुर वेदराम जयंती बड़े हर्षोल्लास के साथ मनाई गई। इस अवसर पर आयोजित अंतरराष्ट्रीय एवं राष्ट्रीय पुरस्कार समारोह में विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट योगदान देने वाली कई प्रतिभाओं को सम्मानित किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता पूर्व मंत्री सत्य प्रकाश ठाकुर ने की, जबकि मुख्यातिथि के रूप में पूर्व कुलपति गुलाब सिंह आजाद उपस्थित रहे।
स्वर्गीय ठाकुर वेदराम की स्मृति में आयोजित इस समारोह का उद्देश्य सहकारिता और हथकरघा क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने वालों को सम्मानित करना है। इसी क्रम में सहकारिता के क्षेत्र में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उल्लेखनीय योगदान के लिए श्रीलंका के डब्ल्यू.यू. हॅराथ को वेदराम अंतरराष्ट्रीय पुरस्कार से नवाजा गया।
राष्ट्रीय स्तर पर सहकारिता क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य के लिए सुभाष चंद आर्य (नागौर, राजस्थान) और करनैल राणा (पूर्व अध्यक्ष हिमकोफैड, नूरपुर कांगड़ा) को सम्मानित किया गया। वहीं बुनकर क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान के लिए कुल्लू के विश्वनाथ सुम्मा, जुगत राम और राजू (पुत्र चोहू भुलंग) को वेदराम राष्ट्रीय पुरस्कार प्रदान किया गया।
साहित्य के क्षेत्र में गणेश गनी भारद्वाज (कुल्लू) को राष्ट्रीय पुरस्कार से सम्मानित किया गया। मीडिया क्षेत्र में भी प्रतिभाओं को सराहा गया, जिसमें इलेक्ट्रॉनिक मीडिया के लिए संजीव शर्मा (एडिटर, डिजिटल एडिशन, हिन्दी दैनिक सवेरा, जालंधर) और प्रिंट मीडिया के लिए विविंद्र वशिष्ठ (स्थानीय संपादक, अमर उजाला, शिमला) को राष्ट्रीय अवार्ड से सम्मानित किया गया।
इसके अतिरिक्त, पुरोहित चंद्र शेखर बेबस लोक साहित्य राष्ट्रीय पुरस्कार डॉ. हेमेन्द्र वाली (कुमारसैन, शिमला) को प्रदान किया गया। चांद कुल्लवी लाल चंद प्रार्थी पहाड़ी कला-संस्कृति राष्ट्रीय पुरस्कार सविता सहगल (सिरमौर) को तथा ठाकुर मौलू राम पहाड़ी भाषा साहित्य राष्ट्रीय पुरस्कार यतिन पंडित (कुल्लू) को दिया गया।
लाइफटाइम अचीवमेंट अवार्ड के तहत राजेंद्र राजन (हमीरपुर) और डॉ. कमला सैनी रत्तू (जालंधर) को उनके दीर्घकालिक योगदान के लिए सम्मानित किया गया।
इस अवसर पर भुट्टिको के चेयरमैन एवं पूर्व मंत्री सत्य प्रकाश ठाकुर ने सभी सम्मानित विभूतियों को बधाई देते हुए कहा कि भुट्टिको के उत्पाद आज अपनी गुणवत्ता के कारण देश-विदेश में पहचान बना चुके हैं। उन्होंने बताया कि संस्था अपने बुनकरों को सरकारी स्तर की सुविधाएं प्रदान करने के लिए निरंतर प्रयासरत है।
कार्यक्रम के दौरान पुरोहित चंद्र शेखर बेबस की स्मृति में काव्य संध्या का आयोजन किया गया, जिसमें साहित्यकारों ने अपनी रचनाओं से समां बांधा। वहीं 21 अप्रैल को शेर-ए-कुल्लवी लाल चंद प्रार्थी की स्मृति में सांस्कृतिक संध्या का आयोजन किया गया, जिसमें स्थानीय कलाकारों ने पहाड़ी संस्कृति की झलक प्रस्तुत की।
समारोह में बड़ी संख्या में गणमान्य व्यक्ति, साहित्यकार, कलाकार और बुनकर समुदाय के लोग उपस्थित रहे, जिससे पूरा वातावरण सांस्कृतिक और सम्मानपूर्ण ऊर्जा से सराबोर रहा।

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