ऊना जिले में हुई बारिश से आम की फसल को पहुंचा नुकसान, 2,000 मीट्रिक टन तक गिरने का अनुमान

#खबर अभी अभी सोलन ब्यूरो*

20 जून 2023

ऊना जिले में बीते एक माह के दौरान खराब हुए मौसम का खामियाजा बागवानों को भुगतना पड़ेगा। बारिश के साथ चली तेज हवाओं ने आम की फसल को नुकसान पहुंचाया है। इस कारण पैदावार 2,000 मीट्रिक टन तक गिरने का अनुमान है।

जानकारी के अनुसार, जिले के हरोली, गगरेट, अंब, चिंतपूर्णी और बंगाणा क्षेत्र में आम के पेड़ों की अच्छी संख्या है। अधिकतर पेड़ों की प्रजाति देसी आम की है। जिले में 12,000 मीट्रिक टन तक कच्चे आम की पैदावार होती है। लेकिन तेज हवाओं के नुकसान से इस बार पैदावार 10,000 मीट्रिक टन रहने की उम्मीद है। इस बार मई माह से लेकर अभी तक क्षेत्र में चार से पांच दिन तक बारिश का दौर जारी रहा है। हालांकि बारिश आम की फसल के लिए लाभदायक मानी जाती है। इससे फसल की वृद्धि तेजी से होती है। लेकिन बारिश के साथ चली तेज हवाओं ने अंकुरित हुए छोटे फलों को नुकसान पहुंचाया। आम के पेड़ों के नीचे बड़ी मात्रा में छोटे फल गिर गए।

बीते साल के मुकाबले इस बार पेड़ों पर अंकुरित हुए फलों की संख्या अधिक रही थी। अप्रैल में आम के पेड़ पूरी तरह फूलों से लदे नजर आए। ऐसे में बागवानों को भी उम्मीद थी कि इस साल अच्छी मात्रा में फसल की पैदावार होगी। लेकिन मई के मध्य से जून के मौजूदा दिनों तक मौसम खराब होने का सिलसिला रुक-रुककर जारी रहा। आम की फसल को तेज हवाओं से खासा नुकसान हुआ और कई स्थानों पर तो पेड़ गिर गए। मौसम की मार से बागवानों को काफी झटका लगा।अभी भी कई क्षेत्रों में हवा की मार अधिक नहीं पड़ी और वहां आम के पेड़ पर अच्छी मात्रा में फल हैं।

#खबर अभी अभी सोलन ब्यूरो*

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