
कुनिहार
राष्ट्रीय देवभूमि पार्टी (आरडीपी) ने वर्ष 2027 के विधानसभा चुनावों को लेकर अपनी राजनीतिक रणनीति का औपचारिक ऐलान कर दिया है। पार्टी की प्रदेश स्तरीय बैठक में “मिशन 27” के तहत हिमाचल प्रदेश में भाजपा और कांग्रेस के वर्चस्व को तोड़ते हुए एक सशक्त तीसरे विकल्प के रूप में उभरने का संकल्प लिया गया।
बैठक में प्रदेशभर से आए पार्टी के प्रमुख पदाधिकारी उपस्थित रहे। इस अवसर पर नेताओं ने कहा कि हिमाचल प्रदेश की जनता लंबे समय से “पांच साल तू लूट, पांच साल मैं लूट” की राजनीति से त्रस्त है और अब प्रदेश को एक ईमानदार, पारदर्शी और जनहितकारी राजनीतिक विकल्प की आवश्यकता है।
पार्टी नेतृत्व ने जानकारी दी कि 1 जनवरी 2026 से पूरे प्रदेश में नुक्कड़ सभाओं की शुरुआत की जाएगी। इसके साथ ही घर-घर सदस्यता अभियान चलाकर राष्ट्रीय देवभूमि पार्टी की विचारधारा को आम जनता तक पहुंचाया जाएगा।
बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि आरडीपी हिमाचल प्रदेश के जमीनी और जनसरोकार से जुड़े मुद्दों को लेकर सीधे जनता के बीच जाएगी। इनमें बेरोजगारी, बागवानों और किसानों की समस्याएं, पशु मित्र, जल मित्र व वन मित्र से जुड़े विषय, नर्सिंग स्टाफ, आउटसोर्स कर्मचारियों के अधिकार सहित प्रदेश से जुड़े अन्य महत्वपूर्ण जनहितकारी मुद्दे प्रमुख रूप से शामिल रहेंगे।
पार्टी नेताओं ने कहा कि आरडीपी जनसंवाद और जनआंदोलन के माध्यम से जनता की आवाज को मजबूती से उठाएगी। 28 दिसंबर 2025 को आयोजित इस बैठक में यह स्पष्ट किया गया कि वर्ष 2026 से जनसंपर्क अभियान को तेज करते हुए 2027 के विधानसभा चुनावों में पार्टी सशक्त भूमिका निभाएगी।
बैठक में प्रदेशव्यापी अभियान को लेकर कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए। इस दौरान संयोजक रमित सिंह ठाकुर, युवा मोर्चा अध्यक्ष जगदीप ठाकुर, राष्ट्रीय महासचिव मनीष गल्होत्रा सहित लवली चौहान ठाकुर, अखिलेश ठाकुर, अमर ठाकुर, जयदेव, शिवानी ठाकुर, योगराज ठाकुर, शाहिद व अन्य अनेक गणमान्य लोग उपस्थित रहे।
राष्ट्रीय देवभूमि पार्टी ने दोहराया कि वह हिमाचल प्रदेश की राजनीति में एक मजबूत, स्वच्छ और जनसमर्थित तीसरे विकल्प के रूप में स्थापित होने के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ आगे बढ़ेगी।





