कुल्लू : सोलंग नाला रोपवे में आपदा परिदृश्य को लेकर मॉक ड्रिल, फंसे लोगों का सफल रेस्क्यू

कुल्लू : जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (DDMA) कुल्लू के सौजन्य से सोलंग नाला स्थित रोपवे में संभावित आपदा की स्थिति से निपटने के लिए मॉक ड्रिल का आयोजन किया गया। इस अभ्यास का मुख्य उद्देश्य विभिन्न एजेंसियों के बीच समन्वय को सुदृढ़ करना तथा आपदा के समय त्वरित राहत एवं पुनर्वास कार्यों की प्रभावशीलता का आकलन करना था।
मॉक ड्रिल के दौरान रोपवे में तकनीकी खराबी का परिदृश्य तैयार किया गया, जिसमें तीन व्यक्तियों के फंसने की स्थिति दर्शाई गई। सूचना मिलते ही बचाव दलों ने तत्परता से कार्रवाई करते हुए निर्धारित प्रोटोकॉल के अनुसार रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया। प्रशिक्षित टीमों ने समन्वित प्रयासों के माध्यम से सभी फंसे व्यक्तियों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया।
इस मॉक ड्रिल में राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल (NDRF), राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल (SDRF), आईटीबीपी, पुलिस, होमगार्ड, अग्निशमन विभाग तथा स्वास्थ्य विभाग की टीमों ने सक्रिय भागीदारी निभाई। इसके अतिरिक्त प्रशासनिक अधिकारियों की उपस्थिति में पूरे अभियान की निगरानी की गई और विभिन्न चरणों का सूक्ष्म मूल्यांकन किया गया।
अभ्यास के दौरान संचार व्यवस्था, त्वरित प्रतिक्रिया, तकनीकी उपकरणों के उपयोग, मेडिकल सहायता तथा भीड़ प्रबंधन जैसे महत्वपूर्ण पहलुओं का भी परीक्षण किया गया। स्वास्थ्य विभाग की टीम ने प्राथमिक उपचार एवं आपातकालीन चिकित्सा सेवाओं का प्रदर्शन किया, जबकि अग्निशमन एवं बचाव दलों ने ऊंचाई से सुरक्षित निकासी (एवैक्यूएशन) की प्रक्रिया को सफलतापूर्वक अंजाम दिया।
इस प्रकार की मॉक ड्रिल का उद्देश्य आपदा के समय किसी भी प्रकार की चुनौती का सामना करने के लिए सभी संबंधित विभागों को तैयार रखना है। साथ ही, इस अभ्यास से प्राप्त अनुभवों के आधार पर भविष्य की रणनीतियों को और अधिक प्रभावी बनाया जाएगा।
सोलंग नाला स्थित रोपवे में आयोजित इस संयुक्त मॉक ड्रिल में भारत सरकार से मास्टर ट्रेनर दिलीप कुमार, विशेष रूप से उपस्थित रहे, जिन्होंने पूरे अभ्यास का मार्गदर्शन किया। इसके अतिरिक्त सहायक कमांडेंट एनडीआरएफ करम सिंह, दीपक बिस्ट सहित एनडीआरएफ की 25 सदस्यीय टीम के साथ मॉक ड्रिल में सक्रिय रूप से शामिल रहे।

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