
#खबर अभी अभी सोलन ब्यूरो*
16 जून 2023
प्रसिद्ध शक्तिपीठ चिंतपूर्णी में अब ओटीपी के जरिये दिव्यांग, बीमार व वीआईपी श्रद्धालुओं को मंदिर लिफ्ट में प्रवेश मिलेगा। लिफ्ट के बाहर तैनात सुरक्षा कर्मियों को यह ओटीपी दिखाने के बाद इन्हें प्रवेश करने दिया जाएगा। मंदिर प्रशासन ने अब पास प्रणाली को बदल दिया है। अब पास जारी नहीं होंगे और कंप्यूटरीकृत प्रणाली अपनाई गई है। यह प्रणाली शुक्रवार से लागू होगी।
चिंतपूर्णीं मंदिर आने वाले दिव्यांग, बीमार और वीआईपी श्रद्धालुओं को वर्तमान में येलो और ग्रीन पास बाबा श्री माई दास भवन से जारी किए जा रहे थे, लेकिन इस प्रक्रिया को कंप्यूटरीकृत कर दिया गया है। अब यह कार्ड न देकर बाबा श्री माई दास सदन में और लिफ्ट के पास कंप्यूटर सिस्टम स्थापित किया गया है। लिफ्ट से मंदिर जाने के लिए बुजुर्ग, दिव्यांग और वीआईपी श्रद्धालुओं को अब उनके मोबाइल नंबर पर ओटीपी आएगा। इसके बाद श्रद्धालु मंदिर लिफ्ट के पास तैनात सुरक्षा कर्मी को यह ओटीपी दिखाएंगे। लिफ्ट के पास लगे कंप्यूटर सिस्टम में इस ओटीपी को चेक किया जाएगा। यहां वेरीफिकेशन के बाद श्रद्धालुओं को लिफ्ट से जाने की अनुमति दी जाएगी।
इसके अलावा वीरवार को इलेक्ट्रिक गोल्फ कार्ट चलाने को ट्रायल हुआ। एसडीएम अंब विवेक महाजन और मंदिर के अन्य अधिकारी ई-गोल्फ कार्ट में बैठकर मंदिर तक पहुंचे। एसडीएम ने मंदिर में माथा टेककर माता रानी का आशीर्वाद भी लिया। शुक्रवार से चिंतपूर्णी मंदिर रोड पर चार ई-गोल्फ कार्ट श्रद्धालुओं को मंदिर पहुंचाएंगे। इस मौके पर मंदिर अधिकारी बलवंत पटियाल, एसडीओ आरके जसवाल, एसीएफ कुलदीप शर्मा, अधीक्षक जीवन कुमार मौजूद रहे।
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चिंतपूर्णी मंदिर आने वाले श्रद्धालुओं के बेहतर सुविधा प्रदान करने के लिए मंदिर प्रशासन लगातार प्रयासरत है। ई-गोल्फ कार्ट चलने से बुजुर्ग, दिव्यांग श्रद्धालुओं को लिफ्ट तक पहुंचाया जाएगा। जबकि बाकी श्रद्धालुओं की गाड़ियों को पीछे पार्किंग में ही खड़ा करवा दिया जाएगा। फिलहाल ई-गोल्फ कार्ट ट्रायल स्तर पर है। ऐसे में यह निशुल्क होगा। बाद में किराये को लेकर तय किया जाएगा। पास सिस्टम में बदलाव कर सॉफ्टवेयर इंस्टाल किया गया है।
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