
#खबर अभी अभी सोलन ब्यूरो*
26 अगस्त 2023
बदहाल सड़कों ने बागवानों की परेशानी बढ़ा दी है। छैला-नेरीपुल-यशवंत नगर हाईवे की बदहाल स्थिति के चलते रोजाना करीब 60 हजार पेटी सेब लेकर रवाना हो रही 600 से अधिक गाड़ियां जाम में फंस रही हैं। इस सड़क से होकर शिमला, किन्नौर, कुल्लू और सिरमौर जिले के सेब बाहरी राज्यों को रवाना हो रहा है। सड़क की खराब हालत और गाड़ियों के घंटों जाम में फंसने से सेब की गुणवत्ता खराब हो रही है
सड़कों की बदहाली के कारण बाहरी राज्यों के लिए सेब भेजना मुश्किल हो रहा है। कालका-शिमला-रामपुर राष्ट्रीय राजमार्ग-5 पर ठियोग के पास सड़क डहने के बाद लगाया गए बैली ब्रिज पर से सेब से लदे वाहन नहीं गुजर पा रहे और पूरा ट्रैफिक छैला-नेरीपुल-यशवंत नगर सड़क पर डायवर्ट हो गया है। नारकंडा, पराला, नेरवा, मेंहदली, खड़ापत्थर, रामपुर और टापरी मंडी का सेब इसी सड़क से होकर बाहरी राज्यों को भेजा जा रहा है।
जगह जगह भूस्खलन के कारण यह सड़क वन वे हो गई है। कई स्थानों पर सड़के डंगे ढह गए हैं। सड़क पर गड्ढे और दरारें पडी हुई हैं। सड़क तंग होने से जाम की समस्या पेश आ रही है। मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने सेब उत्पादक क्षेत्रों की सड़कों के रखरखाव के लिए लोक निर्माण विभाग को 50 करोड़ रुपये जारी किए थे, बावजूद सड़कों की स्थिति बदहाल बनी हुई है। पराला फल मंडी ट्रक ऑपरेटर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष सुनील वर्मा और महासचिव संदीप पांडे का कहना है कि सड़क की हालत बेहद खराब हो गई है।
पर्याप्त संख्या में मशीनरी तैनात न होने से आए दिन यहां घंटों जाम लग रहा है जिससे सेब समय पर बाहरी राज्यों की मंडियों तक नहीं पहुंच पा रहा। सड़क खराब होने से सेब से लदी गाडि़यां खराब हो रही हैं। हिमाचल प्रदेश आढ़ती एसोसिएशन के अध्यक्ष हरीश ठाकुर का कहना है कि शिमला जिले का पूरा सेब छैला-नेरीपुल-यशवंत नगर सड़क से होकर निकल रहा है।
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