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मंडी ,
• 5 मई। सर्वोच्च न्यायालय, भारत द्वारा न्याय को सरल, सुलभ एवं शीघ्र बनाने के उद्देश्य से समाधान समारोह (विशेष लोक अदालत) 2026 का आयोजन किया जा रहा है। इस पहल के तहत आपसी सहमति, संवाद और मध्यस्थता के माध्यम से लंबित मामलों का सौहार्दपूर्ण निपटारा किया जाएगा।
जिला विधिक सेवा प्राधिकरण मंडी के सचिव (वरिष्ठ सिविल न्यायाधीश) विवेक कायस्थ ने बताया कि यह अभियान 21 अप्रैल, 2026 से आरंभ हो चुका है और इसका समापन 21, 22 तथा 23 अगस्त, 2026 को सर्वोच्च न्यायालय परिसर में आयोजित विशेष लोक अदालत के साथ होगा। उन्होंने कहा कि इस दौरान उपयुक्त मामलों का निपटारा आपसी सहमति से किया जाएगा, जिससे पक्षकारों को त्वरित और सरल न्याय मिल सके।
उन्होंने बताया कि विशेष लोक अदालत से पूर्व देशभर में विभिन्न स्तरों पर पूर्व-सुलह बैठकें आयोजित की जा रही हैं। इनमें राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, तालुका विधिक सेवा समितियां तथा उच्च न्यायालय विधिक सेवा समितियां शामिल हैं। इन बैठकों का संचालन मध्यस्थता केंद्रों के माध्यम से प्रशिक्षित मध्यस्थों द्वारा किया जा रहा है, ताकि पक्षकारों को सौहार्दपूर्ण समाधान मिल सके। पक्षकार इन बैठकों में भौतिक अथवा वर्चुअल माध्यम से भाग ले सकते हैं।
उन्होंने अधिवक्ताओं, वादकारियों तथा सभी संबंधित पक्षों से इस अभियान में सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करने का आह्वान किया है, ताकि अधिक से अधिक मामलों का आपसी सहमति से निपटारा हो सके।
सर्वोच्च न्यायालय में लंबित मामलों के पक्षकार निर्धारित गूगल फॉर्म के माध्यम से पंजीकरण कर सकते हैं, जो सर्वोच्च न्यायालय की आधिकारिक वेबसाइट पर उपलब्ध है। गूगल फॉर्म भरने की अंतिम तिथि 31 मई, 2026 निर्धारित की गई है|





