
ख़बर अभी अभी ब्यूरो सोलन
21 मई 2023

देवता श्रृंगा ऋषि के सम्मान में मनाया जाने वाला पांच दिवसीय जिला स्तरीय बंजार मेले के समापन के बाद देवता श्रृंगा ऋषि अपने रथ पर सवार होकर रविवार को अपने मंदिर वागी की ओर रवाना हुए। इसी के साथ मेले में शिरकत करने आए घाटी के अन्य देवी-देवताओं में माता पंचालीका पुजाली, देवता जहल शील, देवता लक्ष्मी नारायण पुझारी बाहू, देवता बगडू महादेव, माता बुढी नागिन, देवता मार्कडेंय बलागाड, देवता बालू नाग चेथर, मार्कडेंय ऋषि लांहुड, देवता पांच वीर लुशाल, देवता गढ़ पति शेष नाग जिभी, देवता घटोत्कच सहित अन्य देवी-देवता भी अपने-अपने देवालयों को कूच कर गए।
बता दें कि पांच दिवसीय बंजार मेला जहां मुख्यत: श्रृंगा ऋषि को समर्पित है वहीं घाटी के अनेक देवी-देवता भी मेले की शोभा बढ़ाते हैं। देव आस्था के साथ इस मेले में यहां की संस्कृति का आदान प्रदान भी होता हैं। मेले में जहां ग्रामीणों ने खरीद-फरोख्त की, वहीं अपने इष्ट देवताओं के अस्थाई शिविरों में माथा टेक कर उनका आशीर्वाद लिया। मेले के दौरान जहां दिनभर देेेवी-देवताओं के रथ अस्थाई शिविरों में रहते हैं, वहीं रात्रि के समय लोग देवी-देवताओं को अपने घरों में आमंत्रित करते हैं। देवताओं के साथ आए हारियानों द्वारा प्रतिदिन देवताओं के पांडाल के आगे कुल्लुवी नाटी लगाकर लोगों का मनोरंजन भी किया गया।
ख़बर अभी अभी ब्यूरो सोलन





