हिमाचल में आधुनिक तकनीक अपनाने से समग्र अनाजों को मिलेगा बढ़ावा

#खबर अभी अभी सोलन ब्यूरो*

10 जून 2023

कृषि लागत एवं मूल्य आयोग के अध्यक्ष प्रो. विजय पॉल शर्मा ने कहा कि आयोग का मुख्य उद्देश्य कृषक समुदाय को आधुनिक तकनीक अपनाने, उत्पादकता और देश में समग्र अनाजों को बढ़ावा देना है। उन्होंने यह जानकारी कृषि विभाग के तत्वावधान में उत्तरी राज्यों के लिए रबी फसलों की मूल्य नीति 2024-25 के संबंध में बैठक की अध्यक्षता करते हुई दी। कहा कि आयोग विभिन्न वस्तुओं की मूल्य नीति की सिफारिश करते समय मूल्य और आपूर्ति, उत्पादन की लागत, बाजार में घरेलू और अंतरराष्ट्रीय कीमतों के उछाल और अंतर फसल मूल्य समता जैसे विभिन्न घटकों का विश्लेषण करता है। इसके अतिरिक्त कृषि और गैर कृषि व्यापार की शर्तें, उत्पादन लागत पर मार्जन के रूप में 50 फीसदी और उपभोक्ताओं पर न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) के प्रभावों पर भी नजर रहती है।

किसानों को नवीनतम तकनीक और पद्धति अपनाने के लिए प्रेरित किया जा रहा है। कृषि सचिव राकेश कंवर ने कहा कि किसानों के लिए न्यूनतम समर्थन मूल्य निर्धारित करने की दिशा में इस प्रकार की क्षेत्रीय बैठकें महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। राज्य सरकार किसानों की आय को बढ़ाने की दिशा में किसान हितैषी नीतियां बना रही है। बैठक में 23 कृषि उत्पादों, जिसमें 7 अनाज (धान, गेहूं, मक्का, ज्वार, बाजरा, जौ और रागी,) पांच दालें चना, अरहर, मूंग, उड़द, मसूर, सात तिलहन (मूंगफली, रेपसीड-सरसों, सोयाबीन, तिल, सूरजमुखी, कुसुम, नाइजर सीड) और चार वाणिज्यिक फसलों (कोपरा, गन्ना, कपास और कच्चा जूट) आदि का न्यूनतम समर्थन मूल्य और कृषि संबंधित अन्य मुद्दों पर चर्चा की गई। बैठक में कृषि लागत और मूल्य आयोग (सीएपीसी) के सदस्य डॉ. नवीन सिंह, रतन लाल डग्गा, अनुपम मित्रा और पंजाब, हरियाणा, उत्तर प्रदेश, जम्मू और कश्मीर, उत्तराखंड और कृषि विश्व विश्वविद्यालय के हित धारक उपस्थित रहे।

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