
प्रदेश में पंचायत चुनाव का बिगुल बज चुका है। ऐसे में पंचायत चुनाव को लेकर सरगर्मियां तेज हो गई हैं। इच्छुक उम्मीदवार ताल भी ठोक रहे हैं। वहीं, जिला सिरमौर की एक पंचायत ऐसी है, जो अन्य पंचायतों के लिए उदाहरण बनी है। यहां पंचायत चुनाव बड़ी शांतिपूर्वक व बिना किसी खर्च व प्रचार के होंगे। बात हो रही है सिरमौर के तिलौरधार विकास खंड की टिटियाना पंचायत की। यहां पंचायत प्रधान सहित वार्ड सदस्य चुनने के लिए वोट नहीं, पर्ची सिस्टम तय किया गया है। जिस भी उम्मीदवार की पर्ची निकलती है, उसे प्रधान व सदस्य चुन लिया जाता है। सभी उसे पांच साल के लिए अपना प्रतिनिधि मानते हैं। इस पंचायत में करीब 400 परिवार रहते हैं, जिसमें 2000 के आसपास मतदाता हैं।
पिछली बार गांव के प्रबुद्ध लोगों ने खर्च पर लगाम लगाने के लिए अपने ईष्टदेव महासू महाराज के समक्ष फैसला लेकर कसम खाई है कि अब कोई चुनाव नहीं होगा। जिस बेडे अर्थात ग्रुप या वार्ड की बारी आएगी, उसकी पर्चियां डाली जाएंगी। जिसकी पर्ची निकलेगी, वही प्रधान व सदस्य चुन लिया जाएगा। बताया जाता है कि इससे पहले इस पंचायत में बहुत महंगे चुनाव होते थे। उम्मीदवार काफी खर्च करते थे। इससे गांव में आपसी भाईचारा भी खराब हो रहा था। गांव के लोगों का कहना है कि चुनाव के बाद पंचायत में इतना तनाव बढ़ जाता था कि शादी विवाह में भी हारा हुआ गुट शामिल नहीं होता था।
इन सभी स्थितियों को देखते हुए पांच साल पहले गांव के प्रबुद्ध लोगों ने अपने ईष्ट देवता महासू के प्रांगण में बैठक की।
सभी ने निर्णय लिया कि आज के बाद इस पंचायत में चुनाव नहीं होगा। इसे सभी ने एकमत से स्वीकार कर लिया ओर ईष्टदेव के सामने उस फैसले का उल्लंघन न करने की कसम खाई। इसके बाद भी अगर कोई उल्लंघन करता है तो उसका साथ कोई नहीं देता, उलटा उस पर अर्थदंड और पूरी पंचायत को भोज देने की कार्रवाई के साथ ही उसका हुक्का-पानी बंद कर करने का भी प्रावधान किया गया है। इस गांव में चार बेडे अर्थात खेमे हैं। हर बार जिस खेमे का नंबर होता है, उनसे पर्चियां डलवाई जाती हैं। जिसकी पर्ची निकलती है, उस पर सभी सहमति जताते हैं। क्षेत्र की महासू सेवा समिति के अध्यक्ष सुरेंद्र शर्मा ने बताया कि देवता के मंदिर में बैठक कर यह निर्णय लिया गया था और कसम खाई गई थी। बीती पंचायत इसी पर्ची सिस्टम के आधार पर चुनी गई थी और इस बार भी इसे लागू किया जाएगा।
सरकार से मिली व प्रतिनिधियों से जुटाई 20 लाख राशि से हुए विकास कार्य
निवर्तमान प्रधान पार्वती शर्मा ने बताया कि पिछली बार वह पर्ची से चुनी गई थीं। इस बार भी पंचायत में यही नियम लागू है। प्रधान, उप प्रधान सहित वार्ड सदस्यों को पर्ची सिस्टम से चुना जाएगा। पहले निर्विरोध चुने जाने पर सरकार ने पंचायत को 10 लाख रुपये की राशि दी थी। इसके अलावा प्रचार न किए जाने के बाद प्रतिनिधियों में प्रधान ने 4, उप प्रधान ने 2, बीडीसी सदस्य ने एक लाख तथा सदस्यों ने 50-50 हजार रुपये विकास कार्यों के लिए दान किए थे। इनसे पंचायत में सामुदायिक भवन सहित अन्य कई विकास कार्य किए गए हैं। इस बार भी निर्विरोध चुने जाने पर सरकार की तरफ से ही 25 लाख रुपये की राशि दी जाएगी।
नामांकन से पहले निकाली जाएगी पर्ची
जानकारी के अनुसार यहां नामांकन से पहले चुनाव लड़ने के इच्छुक उम्मीदवारों की पर्ची निकाली जाएगी। जिस भी उम्मीदवार की पर्ची निकलेगी, वही नामांकन करेगा। इसके बाद अन्य उम्मीदवार नामांकन नहीं करेंगे। ऐसे में निर्विरोध पंचायत चुन ली जाएगी।





