लाडलों के कंधों पर सितारे सजाते माता-पिता की आंखों से छलके खुशी के आंसू, 17 युवा बने अफसर

#खबर अभी अभी सोलन ब्यूरो*

11 जून 2023

हिमाचल के 17 युवा भारतीय सैन्य अकादमी देहरादून से पासआउट होकर सेना में अफसर बने हैं। इनमें कुछ ऐसे भी होते हैं, जिनके लिए यहां तक पहुंचना किसी सपने से कम नहीं होता है। इन्होंने विपरीत परिस्थितियों में कड़ी मेहनत से खुद को तराशकर सफलता पाई। बतौर लेफ्टिनेंट बने इन युवा अफसरों के कंधों पर उनके माता-पिता और परिजनों ने सितारे सजाए। देश की माटी को चूम युवा अब देश सेवा के लिए तैयार हैं। अपने लाडलों के कंधों पर सितारे सजाते माता-पिता की आंखों से खुशी के आंसू छलक आए। जिला चंबा के सिहुंता के अर्श ने तो सैन्य अफसर बनने का सपना पूरा करने के लिए पुलिस और एयरफोर्स की नौकरी तक छोड़ दी।

हमीरपुर जिले के उपमंडल बड़सर की ग्यारह ग्रां पंचायत के भालत गांव से संबंध रखने वाले अनु शर्मा देहरादून राष्ट्रीय अकादमी में शनिवार को पासऑउट होकर लेफ्टिनेंट बने। अनु के बड़े भाई अनमोल शर्मा दो वर्ष पूर्व भारतीय सेना में लेफ्टिनेंट बने हैं। अनु की माता मीना देवी टीजीटी हैं, जबकि पिता सरकारी स्कूल में मुख्य अध्यापक हैं। अनु शर्मा के दादा चिकित्सक पद से सेवानिवृत्त हुए हैं। दोनों भाइयों ने लेफ्टिनेंट बनकर अपने माता-पिता के साथ इलाके का नाम किया रोशन किया है। दोनों भाइयों की प्रारंभिक शिक्षा सैनिक स्कूल सुजानपुर से हुई है।

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आस्तिक सिंह ठाकुर (21) सेना में लेफ्टिनेंट बने हैं। वह जयसिंहपुर क्षेत्र के निवासी हैं। वर्तमान में पालमपुर में रह रहे हैं। आस्तिक की एलकेजी से जमा दो तक शिक्षा डीएवी स्कूल पालमपुर से हुई है। 10वीं और 12वीं कक्षा में टॉपर्स में जगह बनाई है। इसके बाद पहले ही प्रयास में एनआईटी हमीरपुर, एनडीए, बीटेक, सेना और नौसेना की सभी परीक्षाएं पास कीं। उन्होंने सेना में जाने का मन बनाया। अब 10 जून को ओटीए गया से पासआउट हुए हैं। वह 113 मुंबई इंजीनियर में टेक्नो वारियर्स के रूप में सेवाएं देंगे। इनके दादा प्रताप सिंह ठाकुर भी सेना से सूबेदार के पद से सेवानिवृत हुए हैं। आस्तिक के पिता अविनाश ठाकुर राजकीय सीनियर सेकेंडरी स्कूल सिद्धपुर सरकारी पालमपुर में प्रवक्ता हैं। माता निशा ठाकुर सेंट पॉल सीनियर सेकेंडरी स्कूल पालमपुर में शिक्षिका हैं। आस्तिक ने अपनी सफलता का श्रेय माता-पिता, दादा-दादी, गुरुजनों और कड़ी मेहनत को दिया है।

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