स्नानागार और चेतावनी को दरकिनार कर खड्ड में उतर जाते हैं श्रद्धालु

#खबर अभी अभी सोलन ब्यूरो*

17 जून 2023

बनेर खड्ड में शुक्रवार को मां और बेटे की डूबने से हुई मौत से हर कोई सदमे में है। माता के दर्शनों से पहले श्रद्धालुओं में बाण गंगा में स्नान कर शुद्धिकरण की मान्यता है लेकिन उपमंडल प्रशासन की ओर से लगाए गए चेतावनी बोर्डों को कुछ श्रद्धालु अनेदखा कर जाते हैं। यहां प्रशासन की ओर से महिलाओं और पुरुषों के लिए अलग-अलग स्नानगार बनाए गए है लेकिन इनको दरकिनार कर श्रद्धालु खड्ड में नहाने उतर रहे हैं

जानकारी के अनुसार कांगड़ा में बाईपास किनारे उपमंडल प्रशासन की ओर से चेतावनी बोर्ड लगाए गए हैं। इन चेतावनी बोर्डों के माध्यम से लोगों और श्रद्धालुओं को खड्ड में न उतरने के लिए कहा गया है। खड्ड में पानी की गहराई का अंदाज़ा न होने पर वे अपनी ज़ान से हाथ धो बैठते हैं। अब तक इस खड्ड में डूबने या बहने से कई श्रद्धालु अपनी जान गंवा चुके हैं। कुछ यात्री आस्था को लेकर बाण गंगा में नहाने के लिए जाते हैं, जबकि कई पानी में मौज मस्ती के मकसद से खड्ड में उतरते हैं।

बज्रेश्वरी मंदिर के पुजारी पंडित राम प्रसाद शर्मा ने बताया कि मान्यता है कि बाण गंगा में नहाने के बाद ही मंदिर में माता के दर्शन किए जाते हैं। इसके चलते ही श्रद्धालु बाण गंगा में नहाने उतरते हैं।

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