
शिमला | मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कहा कि राज्य सरकार ऊन के न्यूनतम समर्थन मूल्य में वृद्धि पर विचार कर रही है तथा सभी हितधारकों से परामर्श के बाद इस पर निर्णय लिया जाएगा। मंगलवार केा हिमाचल प्रदेश वूल फेडरेशन के नवनियुक्त अध्यक्ष मनोज कुमार के नेतृत्व में गद्दी समुदाय के प्रतिनिधिमंडल ने यहां सीएम सुखविंदर सिंह सुक्खू से भेंट की। उन्होंने इस महत्त्वपूर्ण पद पर गद्दी समुदाय का प्रतिनिधि नियुक्त करने के लिए मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार गद्दी समुदाय की कठिनाइयों से अवगत हंै तथा इस समुदाय से जुड़े विभिन्न मुद्दों का समाधान करने के लिए प्रतिबद्ध है।
राज्य सरकार यह सुनिश्चित करेगी कि भेड़-बकरी पालकों को उनकी मेहनत का उचित मूल्य मिले। इससे पहले, हिमाचल प्रदेश वूल फेडरेशन के अध्यक्ष मनोज कुमार ने इस महत्त्वपूर्ण दायित्व के लिए उनका आभार व्यक्त किया। उनकी नियुक्ति चंबा और कांगड़ा जिला में रहने वाले पूरे गद्दी समुदाय के लिए गर्व की बात है। उन्होंने भेड़ और बकरियों की मृत्यु पर मुआवजे को बढ़ाने के लिए सरकार की सराहना की। इस अवसर पर ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज मंत्री अनिरुद्ध सिंह भी उपस्थित थे।
सरकार ने बढ़ाई मुआवजा राशि
मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कहा कि राज्य सरकार ने संवदेनशील दृष्टिकोण अपनाते हुए मानसून आपदा 2023 के दौरान प्रभावित परिवारों के लिए विशेष राहत पैकेज प्रस्तुत कर मुआवजे की राशि को कई गुना बढ़ाया। इस पहल के तहत भेड़, बकरी और सुअर की मृत्यु पर वित्तीय सहायता को 4000 रुपए से बढ़ाकर 6000 रुपए किया गया है। उन्होंने कहा कि आने वाले समय में पशुपालक समुदाय की सहायता के लिए इस वित्तीय सहायता को और अधिक बढ़ाया जाएगा।





