मंडी : रिवालसर झील के तट पर सजा राज्य स्तरीय छेश्चु मेला

नेरचौक,
मंडी जिला की पवित्र रिवालसर झील के तट पर 25 से 27 फरवरी 2026 तक तीन दिवसीय राज्य स्तरीय छेश्चु मेले का भव्य आयोजन किया जाएगा। बौद्ध गुरु गुरु पद्मसंभव की जयंती के उपलक्ष्य में मनाया जाने वाला यह मेला आस्था, एकता और सांस्कृतिक विरासत का प्रतीक माना जाता है। मेले में रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रम, महिला मंडलों की प्रस्तुतियां और स्थानीय परंपराओं की जीवंत झलक देखने को मिलेगी।

इस बार मेले का विशेष आकर्षण ‘मिस हिमाचल 2026’ सीजन-2 रहेगा। उपमंडल अधिकारी बल्ह स्मृतिका नेगी और एसडीएम सुंदरनगर अमर नेगी के संयुक्त प्रयासों से महिलाओं को सशक्त मंच प्रदान करने के उद्देश्य से इस प्रतियोगिता का आयोजन किया जा रहा है। यह प्रतियोगिता न केवल क्षेत्र की बेटियों और बहुओं को आत्मविश्वास देगी, बल्कि प्रदेश की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत और आधुनिक प्रतिभा का अनूठा संगम भी प्रस्तुत करेगी।

एसडीएम बल्ह सामरिक नेगी ने बताया कि पिछले वर्ष की सफलता के बाद इस बार ‘मिस हिमाचल’ का दूसरा सीजन विशेष रूप से शादीशुदा महिलाओं के लिए रखा गया है। इसका मुख्य उद्देश्य महिलाओं को घरेलू दिनचर्या से बाहर निकालकर उनके सपनों को साकार करने का अवसर देना है। प्रतियोगिता के विभिन्न चरण रिवालसर मेले के दौरान आयोजित होंगे, जबकि आगामी चरण मार्च में आयोजित होने वाले नलवाड़ मेला सुंदरनगर में संपन्न किए जाएंगे।

मेले में तीन विशेष सांस्कृतिक संध्याएं आयोजित होंगी, जिनमें ट्राइबल नाइट, फ्यूजन नाइट और हिंदी नाइट शामिल रहेंगी। इस बार 11 चयनित महिलाएं अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन करेंगी। खास बात यह है कि प्रतिभागियों में सबसे वरिष्ठ महिला की आयु 57 वर्ष है, जो युवाओं के लिए प्रेरणा का केंद्र बनी हुई हैं।

गौरतलब है कि जो महिलाएं अब तक घर की चारदीवारी तक सीमित थीं और मंच पर आने का सपना संजोए बैठी थीं, उन्हें अब अपनी प्रतिभा दिखाने का अवसर मिल रहा है। प्रतियोगिता के विभिन्न राउंड के बाद प्रतिभागियों में आत्मविश्वास और व्यक्तित्व विकास में उल्लेखनीय परिवर्तन देखा गया है। ग्रामीण राउंड में महिलाओं ने अपने हुनर के साथ-साथ अपनी जीवन यात्रा और पहचान को भी मंच पर साझा किया।

आगामी चरण में ‘मदर एंड डॉटर’ तथा ‘मदर एंड सन’ जैसे विशेष राउंड आयोजित किए जाएंगे, जिनमें मां और बच्चों के भावनात्मक जुड़ाव को सजीव रूप से प्रस्तुत किया जाएगा। एसडीएम बल्ह ने कहा कि यह आयोजन पर्यटन को बढ़ावा देने के साथ-साथ समाज में महिलाओं की भूमिका और आत्मविश्वास को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने का सशक्त माध्यम बनेगा।

रिवालसर झील के तट पर सौंदर्य, संस्कृति और आत्मविश्वास की इस अनूठी जुगलबंदी को लेकर पूरे मंडी जिले में खासा उत्साह देखा जा रहा है।

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