
कुल्लू –
कुल्लू में गांधी शिल्प मेले की शुरुआत हुई। विधायक कुल्लू सुंदर सिंह ठाकुर ने सोमवार को बतौर मुख्यातिथि इस मेले में शिरकत की और मेले का शुभारंभ किया। उन्होंने रिबन काटकर और दीप प्रज्वलित कर इस मेले का शुभारंभ किया। ढालपुर के मेला मैदान में 8 मार्च तक यह शिल्प बाजार सजेगा जहां, एक ही स्थान विभिन्न राज्यों के उत्पाद मिलेंगे।
गांधी शिल्प मेला कुल्लू के शुभारम्भ पर विधायक ने कहा कि कुल्लू में ‘गांधी शिल्प बाजार’ का आयोजन किया जा रहा है। वस्त्र मंत्रालय के अधीन हस्तशिल्प विकास आयुक्त कार्यालय, कुल्लू द्वारा आयोजित इस मेला में देश के विभिन्न हिस्सों से आए हस्तशिल्प और हथकरघा उत्पादों का प्रदर्शन किया जा रहा है। इस बाजार में लगभग 17 से 18 विभिन्न राज्यों के कुशल शिल्पकार हिस्सा ले रहे हैं। एक ही छत के नीचे देश की विभिन्न संस्कृतियों और उनकी कलात्मकता का संगम देखने को मिल रहा है। प्रदर्शनी में प्रदर्शित उत्पाद पूरी तरह से प्राकृतिक और टिकाऊ (Sustainable) सामग्री से बने हैं। यहां जैविक रंगों (Organic dyes) और पारंपरिक बुनाई तकनीकों का बेहतरीन उपयोग देखा जा सकता है।
उन्होंने कहा कि हिमाचल प्रदेश में हस्तशिल्प विकास आयुक्त का मुख्य कार्यालय कुल्लू में स्थित है, क्योंकि यहां के हर घर में हस्तशिल्प और हथकरघा की समृद्ध परंपरा है। इस भव्य आयोजन का नेतृत्व हिल क्वीन वीवर्स (Hill Queen Weavers) के दौलत ठाकुर और उनकी टीम कर रही है, जिन्हें जिला सहकारी संघ का भी सहयोग प्राप्त है। मुख्य अतिथि ने शिल्पकारों की कला की सराहना करते हुए कहा, “इतनी बड़ी संख्या में शिल्पकारों का एक साथ आना और प्राकृतिक उत्पादों को बढ़ावा देना सराहनीय है।
उन्होंने सभी कुल्लू वासियों और पर्यटकों से अपील की है कि वे यहाँ आए और इन सुंदर व किफायती हस्तशिल्प उत्पादों की खरीदारी कर हमारे शिल्पकारों का उत्साहवर्धन करें।” उन्होंने सुझाव दिया कि इस तरह के शिल्प बाजारों का आयोजन प्रतिवर्ष होना चाहिए और दशहरा उत्सव के दौरान भी ऐसे बाजारों को प्रोत्साहित किया जाना चाहिए।
शिल्प बाजार में स्थापित स्टॉल में हस्तशिल्प के लकड़ी, मिट्टी, कागज, कपड़े आदि से बने उत्पादों की प्रदर्शनी लगाई गई है । इस शिल्प बाजार का आयोजन वस्त्र मंत्रालय भारत सरकार के सहयोग से हिल क्वीन हस्तशिल्प एवं हथकरघा बुनकर कल्याण सभा समिति मनाली के द्वारा किया गया है। जिसमें देशभर के विभिन्न राज्यों से आए हस्त शिल्पकारों और बुनकरों के उत्पाद प्रदर्शनी और बिक्री के लिए रखे गए है। यहां देश के कई सारे शिल्पियों द्वारा समान लाए गए है। चाहे हिमाचल के पारंपरिक ऊनी वस्त्र हो, या लकड़ी मिट्टी के बने बर्तन और सामान यहां अलग अलग राज्यों से आए लोगों के द्वारा उनके सामान लाए गए है।
इस अवसर पर दौलत ठाकुर ने मुख्य अतिथि सहित सभी का स्वागत किया। कार्यक्रम में सहायक निदेशक हस्तशिल्प संतोष आनंद , एचपीओ हस्तशिल्प संदीप, जिला सहकार संघ के अध्यक्ष अनिल सूद, सहायक रजिस्ट्रार सहकारी सेवाएं आशा शर्मा, महाप्रबंधक जिला उद्योग केंद्र पीएल नेगी सहित अन्य गणमान्य लोग उपस्थित रहे।
कुल्लू ब्यूरो सुशांत शर्मा की रिपोर्ट





