
लाहौल-स्पीति की विधायक अनुराधा राणा ने ग्राम्फू-काजा-समदो सड़क मार्ग को लेकर विधानसभा में दिए अपने बयान में सुधार करते हुए स्पष्ट किया है कि डिफाल्टर कंपनी ‘गर्ग एंड गर्ग’ नहीं बल्कि ‘गर्ग एंड सन्स’ है। उन्होंने बताया कि दोनों कंपनियों के नाम मिलते-जुलते होने के कारण यह भ्रम हुआ, क्योंकि उन्हें जो जानकारी सीमा सड़क संगठन और प्रशासन के माध्यम से मिली थी, उसी आधार पर उन्होंने सदन में नाम लिया था। विधायक ने ‘गर्ग एंड सन्स’ पर आरोप लगाते हुए कहा कि कंपनी न तो समय पर सड़कों से बर्फ हटाती है और न ही स्थानीय दुकानदारों, दूध विक्रेताओं, मकान मालिकों व ठेकेदारों का भुगतान कर रही है, जिससे क्षेत्र के लोगों को परेशानी हो रही है। उन्होंने सरकार और सीमा सड़क संगठन से इस कंपनी के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने और भविष्य में काम न देने की मांग की है ताकि जनजातीय क्षेत्र में सड़क निर्माण कार्य समय पर और गुणवत्तापूर्ण हो सके। वहीं ‘गर्ग एंड गर्ग’ कंपनी के प्रबंधक प्यारेलाल शर्मा ने सफाई देते हुए कहा कि उनकी कंपनी लेह-लद्दाख, उत्तराखंड और हिमाचल में कई परियोजनाओं पर काम कर रही है और इस भ्रम से उनकी छवि को नुकसान पहुंचा, लेकिन अब विधायक द्वारा स्थिति स्पष्ट करने पर उन्होंने आभार व्यक्त किया है।





