#रूस के खिलाफ कड़ा रुख अपनाने को तैयार G20 देश, युक्रेन युद्ध खत्म करने की अपील*

g 20 to hold tough on russia urge end to ukraine war

#खबर अभी अभी सोलन ब्यूरो*

 16 नवंबर 2022

इंडोनेशिया में जुटे G20  देशों में विश्व की बड़ी अर्थव्यवस्थाओं वाले देशों के नेता मंगलवार को यूक्रेन पर रूसी हमले को लेकर कड़ा संदेश देने को तैयार दिखे कि । इसी क्रम में राष्ट्रपति जो बाइडेन और यूक्रेनी राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की ने G20 समूह पर दबाव डाला कि वह यूक्रेन के खिलाफ नौ महीने से जारी युद्ध को लेकर मॉस्को पर दबाव बनाए रखें, जिसने यूक्रेन को बर्बाद करने के अलावा वैश्विक अर्थव्यवस्था को मुश्किल में डाल दिया। G20 समूह के नेताओं की ओर से मंगलवार को जारी घोषणापत्र मसौदे से यह ध्वनित होता है कि यूक्रेन पर रूस के हमले की संयुक्त राष्ट्र द्वारा आलोचना की गई है, जबकि विभिन्न देशों के अलग मत का भी संज्ञान लिया गया है।

G20 घोषणापत्र मसौदे में यूक्रेन के खिलाफ रूसी ‘‘आक्रामकता” की संयुक्त राष्ट्र द्वारा की गई निंदा का समर्थन किया गया। हालांकि स्थिति पर सदस्य देशों के अलग-अलग विचारों को भी स्वीकार किया गया। मसौदा प्रस्ताव पर विचार-विमर्श जारी है। ‘द एसोसिएटेड प्रेस’ द्वारा देखे गए बयान के अनुसार, संयुक्त राष्ट्र महासभा के दो मार्च के प्रस्ताव में अपनाए रुख को दोहरते हुए, ‘‘रूस की आक्रामकता की कड़ी निंदा की गई” और ‘‘यूक्रेन से उसकी (रूसी सैनिकों की) बिना किसी शर्त वापसी की मांग की गई।” बयान के अनुसार, मसौदे में स्थिति पर सदस्य देशों की अलग-अलग राय और रूस के खिलाफ लगाए गए प्रतिबंधों का भी जिक्र है। इसमें यह भी कहा गया कि जी20 सुरक्षा मुद्दों का समाधान निकालने का मंच नहीं है।

बयान में शब्दों का बेहद सोच-समझकर इस्तेमाल किया जाना शिखर सम्मेलन में व्याप्त तनाव को दर्शाता है। रूस और चीन सहित कई सदस्य देशों ने संघर्ष पर तटस्थ रुख अपनाए जाने की मांग की है। वहीं अमेरिका के राष्ट्रपति जो बाइडन ने जी20 से रूस को कूटनीतिक व आर्थिक रूप से और अलग-थलग करने की मांग की है। यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की ने भी बाइडन की मांग का समर्थन किया है। इंडोनेशियाई राष्ट्रपति जोको विडोडो ने मंगलवार को यहां शुरू हुए वार्षिक जी20 शिखर सम्मेलन में वैश्विक नेताओं को इस मुद्दे पर एकजुट करने की कोशिश की थी।

 

विडोडो ने कहा, ‘‘ अगर युद्ध समाप्त नहीं हुआ तो आगे बढ़ना मुश्किल होगा। हमें दुनिया को हिस्सों में नहीं बंटने देना चाहिए। दुनिया को एक और शीत युद्ध में नहीं फंसने देना चाहिए।” जेलेंस्की ने एक वीडियो संदेश में युद्ध समाप्त करने की अपनी 10 मांगें दोहराईं, जिसमें एक मांग रूसी बल की पूर्ण वापसी और क्षेत्र में यूक्रेन का पूर्ण कब्जा भी है। उन्होंने कहा, ‘‘ यूक्रेन को अपने विवेक, संप्रभुता, क्षेत्र और स्वतंत्रता के साथ समझौता करने की पेशकश नहीं की जानी चाहिए।”

 

जेलेंस्की ने कहा, ‘‘ यूक्रेन हमेशा शांति स्थापित करने के प्रयासों में अगुवा रहा है और दुनिया ने इसे देखा भी है। अगर रूस कहता है कि वह युद्ध खत्म करना चाहता है तो अपने कदमों से उसे साबित भी करे।’‘ अमेरिकी प्रशासन के एक वरिष्ठ अधिकारी ने नाम उजागर न करने की शर्त पर बताया कि शिखर सम्मेलन की आखिरी विज्ञप्ति में यह स्पष्ट होगा कि ‘‘अधिकतर” सदस्य देश यूक्रेन में रूस के आक्रमण और इसकी वजह से वैश्विक खाद्य व ऊर्जा आपूर्ति को हुए नुकसान की निंदा करते हैं।

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