
हिमाचल प्रदेश में बढ़ती बिटुमन कीमतों ने लोक निर्माण विभाग की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। प्रदेश में टारिंग सीजन शुरू होने के बावजूद सड़कों पर टारिंग कार्य रफ्तार नहीं पकड़ पा रहा है। हालात यह हैं कि कई सड़क परियोजनाओं के लिए ठेकेदार टेंडर लेने में भी दिलचस्पी नहीं दिखा रहे हैं। बिटुमन के दामों में लगातार हो रही बढ़ोतरी के कारण ठेकेदारों को लागत और भुगतान के बीच भारी अंतर पड़ रहा है, जिससे वे नए कार्य लेने से बच रहे हैं। विभाग से मिली जानकारी के मुताबिक 82 रुपये किलो बिटुमन हो गया है जबकि बीते साल इसके दाम 42 रुपये थे। प्रदेश में हर वर्ष गर्मियों के दौरान बड़े स्तर पर सड़कों की टारिंग और मरम्मत का कार्य किया जाता है, लेकिन इस बार महंगे बिटुमन ने पूरे सीजन को प्रभावित कर दिया है।
लोक निर्माण विभाग के सामने समय पर सड़क सुधार कार्य पूरा करना बड़ी चुनौती बन गया है। मामले की गंभीरता को देखते हुए लोक निर्माण मंत्री ने मुख्यमंत्री के समक्ष यह मुद्दा उठाया है। साथ ही केंद्र सरकार के समक्ष भी प्रस्ताव रखा गया है कि बिटुमन की बढ़ती कीमतों को नियंत्रित करने और राज्यों को राहत देने के लिए विशेष व्यवस्था की जाए। लोक निर्माण मंत्री विक्रमादित्य सिंह ने कहा कि मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू से इस मामले में विस्तृत चर्चा हुई है। केंद्र से भी यह मामला उठाया है।
पीएमजीएसवाई सड़क में बेहतरीन कार्य पर हिमाचल होगा सम्मानित
केंद्र सरकार पीएमजीएसवाई के तहत बेहतर कार्य किए जाने पर हिमाचल को सम्मानित करने जा रहा है। केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्रालय ने इसको लेकर प्रदेश सरकार को पत्र भेजा है। लोक निर्माण मंत्री विक्रमादित्य सिंह ने कहा कि हिमाचल प्रदेश को प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना (पीएमजीएसवाई) के उत्कृष्ट कार्य के लिए सम्मानित करने जा रहा है। हिमाचल प्रदेश में सड़क नेटवर्क 42,779 किलोमीटर तक पहुंच गया है। 22,000 किलोमीटर से अधिक सड़कों का निर्माण पीएमजीएसवाई के तहत पूरा किया गया है। आगामी 9 मई को मध्य प्रदेश के सीहोर में भव्य समारोह आयोजित किया जाएगा। हिमाचल प्रदेश को इस उपलब्धि के लिए आधिकारिक रूप से सम्मानित किया जाएगा। हिमाचल में इस समारोह में लोक निर्माण विभाग के अधिकारी उपस्थित रहेंगे। हिमाचल में पीएमजीएसवाई के तहत किस तरह से सड़क का निर्माण किया गया। इसकी प्रदर्शनी लगाई जाएगी।





