
हिमाचल प्रदेश में पंचायतीराज चुनाव से पहले 10,854 प्रत्याशी बिना मतदान निर्विरोध निर्वाचित घोषित किए गए हैं। प्रदेश में 85 पंचायत समिति सदस्य, 176 प्रधान और 286 उपप्रधान निर्विरोध चुने गए हैं। सबसे ज्यादा 10,307 वार्ड सदस्य चुने हैं। 131 पंचायतें (सदस्य से लेकर प्रधान) तक निर्विरोध चुनी गई हैं। इन पंचायतों को सरकार 25-25 लाख रुपये प्रोत्साहन राशि देगी। हिमाचल प्रदेश में 3754 पंचायतों में चुनाव की घोषणा की गई थी। इनमें से 131 निर्विरोध चुनी गईं पंचायतों में अब जिला परिषद और पंचायत समिति सदस्यों के लिए ही मतदान होगा।
किस जिले में कितनी पंचायतें निर्विरोध चुनीं
शिमला जिले में सबसे ज्यादा 1687 पंचायत सदस्य निर्विरोध चुने गए हैं। इसके अलावा, 21 पंचायत समिति सदस्य, 51 प्रधान, 87 उपप्रधान भी चुने गए हैं। 42 पंचायतें बिना मुकाबले निर्वाचित हुई हैं। कांगड़ा में 5 पंचायत समिति सदस्य, 10 प्रधान, 8 उपप्रधान और 1657 वार्ड सदस्य निर्विरोध चुने हैं। किन्नौर में सात पंचायत समिति सदस्य, 22 प्रधान, 23 उपप्रधान, 262 सदस्य और 18 पंचायतें निर्विरोध चुनी गई हैं। लाहौल-स्पीति में 3 पंचायत समिति सदस्य, 6 प्रधान, 18 उपप्रधान, 809 पंचायत सदस्य और 5 पंचायतें निर्विरोध चुनी गई हैं। कुल्लू में 5 पंचायत समिति सदस्य, 9 प्रधान, 14 उपप्रधान, 1296 पंचायत सदस्य और 5 पंचायतें निर्विरोध चुनी गई हैं। मंडी में 12 पंचायत समिति सदस्य, 17 प्रधान, 20 उपप्रधान, 206 पंचायत सदस्य 17 पंचायतें निर्विरोध चुनी गई हैं।
शेष सीटों पर 26, 28 और 30 मई को मतदान
सिरमौर में 18 पंचायत समिति सदस्य, 32 पंचायत प्रधान, 71 उपप्रधान, 1166 पंचायत सदस्य और 22 पंचायतें निर्विरोध चुनी हैं। सोलन में 9 पंचायत समिति सदस्य, 14 प्रधान, 27 उपप्रधान, 1121 पंचायत सदस्य और 13 पंचायतें निर्विरोध चुनी गई। ऊना में 2 पंचायत समिति, 8 प्रधान, 7 उपप्रधान, 706 पंचायत सदस्य और 5 पंचायतें निर्विरोध चुनी गई हैं। राज्य निर्वाचन आयोग ने कहा है कि शेष सीटों पर निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार 26, 28 और 30 मई को मतदान कराया जाएगा।





