
जोगिंदर नगर,
महिला एवं बाल विकास विभाग के अंतर्गत आंगनवाड़ी केंद्र घटागला में आज वृत्त स्तरीय आठवें पोषण पखवाड़े का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य स्थानीय समुदाय को पोषण, स्वास्थ्य तथा बच्चों के समग्र विकास के प्रति जागरूक करना रहा।
कार्यक्रम की अध्यक्षता स्वास्थ्य कार्यकर्ता अंजलि ने की। उन्होंने उपस्थित स्थानीय जनसमूह को संबोधित करते हुए बताया कि जन्म से छह वर्ष तक की आयु बच्चों के शारीरिक एवं मानसिक विकास के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण होती है। इस अवधि में उचित देखभाल, संतुलित आहार एवं स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ बच्चों के उज्ज्वल भविष्य की मजबूत नींव रखता है।
उन्होंने प्रथम एक हजार दिवस के महत्व पर विस्तार से प्रकाश डालते हुए कहा कि गर्भावस्था से लेकर बच्चे के दो वर्ष की आयु तक का समय सबसे संवेदनशील और महत्वपूर्ण होता है। इस दौरान मां एवं शिशु को पौष्टिक आहार, नियमित स्वास्थ्य जांच तथा उचित देखभाल मिलना आवश्यक है, ताकि कुपोषण जैसी समस्याओं से बचाव हो सके।
कार्यक्रम में संतुलित आहार, स्वच्छता, टीकाकरण, स्तनपान, पूरक आहार तथा पोषण के विभिन्न पहलुओं पर भी विस्तृत चर्चा की गई। उपस्थित महिलाओं एवं अभिभावकों को बच्चों के दैनिक आहार में हरी सब्जियां, दालें, फल, दूध एवं अन्य पौष्टिक खाद्य पदार्थ शामिल करने के लिए प्रेरित किया गया।
इस अवसर पर वित्त पर्यवेक्षक रीना देवी ने विभाग द्वारा संचालित विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा बच्चों, गर्भवती महिलाओं, धात्री माताओं एवं किशोरियों के स्वास्थ्य और पोषण सुधार हेतु अनेक योजनाएं चलाई जा रही हैं, जिनका लाभ पात्र परिवारों तक पहुंचाया जा रहा है।





