हिमाचल: प्रदेश के 150 और सरकारी स्कूलों में लागू होगा सीबीएसई पाठ्यक्रम, औपचारिकताएं पूरी करने के निर्देश

हिमाचल प्रदेश में स्कूली शिक्षा के ढांचे में बड़ा बदलाव होने जा रहा है। राज्य सरकार ने अगले शैक्षणिक सत्र से 150 और सरकारी स्कूलों में केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) का पाठ्यक्रम लागू करने की तैयारी शुरू कर दी है। इस फैसले के साथ प्रदेश में सीबीएसई आधारित शिक्षा का दायरा तेजी से बढ़ेगा और छात्रों को राष्ट्रीय स्तर की प्रतिस्पर्धा के अनुरूप पढ़ाई का अवसर मिलेगा। शिक्षा सचिव राकेश कंवर ने सभी जिला उपनिदेशकों को निर्देश जारी कर ऐसे स्कूलों का चयन करने के लिए कहा है, जहां सीबीएसई पाठ्यक्रम लागू किया जा सकता है।
सभी औपचारिकताएं समयबद्ध तरीके से पूरी करनी होंगी
इसके लिए स्कूलों के बुनियादी ढांचे, शिक्षक उपलब्धता और अन्य आवश्यक मानकों को ध्यान में रखते हुए प्रस्ताव भेजने को कहा गया है। सचिव ने स्पष्ट किया है कि चयनित स्कूलों को सीबीएसई से संबद्धता लेने के लिए निर्धारित सभी औपचारिकताएं समयबद्ध तरीके से पूरी करनी होंगी। इसमें भवन, कक्षाएं, प्रयोगशालाएं, पुस्तकालय, खेल सुविधाएं और अन्य बुनियादी मानकों को सुनिश्चित करना अनिवार्य होगा। अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि प्रस्ताव भेजने से पहले स्कूलों का भौतिक सत्यापन भी किया जाए।

विषयवार शिक्षकों की नियुक्ति की जा रही
राज्य सरकार पहले ही चालू शैक्षणिक सत्र में 151 सरकारी स्कूलों को सीबीएसई से जोड़ चुकी है। इन स्कूलों में अब पढ़ाई का स्तर और परीक्षा प्रणाली राष्ट्रीय मानकों के अनुरूप की जा रही है। विभाग का मानना है कि पहले चरण के सकारात्मक परिणामों के बाद ही विस्तार का निर्णय लिया गया है। सीबीएसई पाठ्यक्रम के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए इन स्कूलों में विषयवार शिक्षकों की नियुक्ति भी की जा रही है। विभाग ने स्पष्ट किया है कि मई माह में चयनित स्कूलों में सब कैडर के शिक्षकों की तैनाती की जाएगी, ताकि नए सत्र से पढ़ाई सुचारू रूप से शुरू हो सके।

प्राथमिक व माध्यमिक स्कूलों में भी शुरू होगी स्काउट एंड गाइड
शिक्षा विभाग ने विद्यार्थियों में अनुशासन सेवा भावना और चारित्रिक विकास को बढ़ावा देने के लिए स्काउट एंड गाइड कार्यक्रम का विस्तार करने का निर्णय लिया है। अब उच्च और वरिष्ठ माध्यमिक स्कूलों के साथ-साथ सभी प्राथमिक और माध्यमिक स्कूलों में भी स्काउट एंड गाइड की गतिविधियां शुरू की जाएंगी। शिक्षा विभाग ने इस संबंध में सभी सरकारी स्कूलों को निर्देश जारी कर दिए हैं। नए आदेशों के अनुसार सभी प्राथमिक और माध्यमिक स्कूलों के लिए स्काउट एंड गाइड के लिए आवेदन करना अनिवार्य कर दिया गया है। आवेदन प्रक्रिया पूरी होने के बाद प्रत्येक स्कूल में स्काउट एंड गाइड की समर्पित टीमें गठित की जाएंगी। इन टीमों के माध्यम से बच्चों को आपदा प्रबंधन, सामाजिक सेवा और अनुशासन का प्रशिक्षण दिया जाएगा। इससे पहले यह सुविधा केवल उच्च और वरिष्ठ माध्यमिक स्कूलों तक ही सीमित थी। अब छोटी उम्र से ही बच्चों को इस अंतरराष्ट्रीय स्तर के संगठन से जोड़कर उनके व्यक्तित्व को निखारने का प्रयास किया जा रहा है। उधर, उप निदेशक उच्च शिक्षा गोपाल चौहान ने बताया कि प्राथमिक स्तर पर स्काउट एंड गाइड शुरू होने से बच्चों में आत्मविश्वास बढ़ेगा और वे भविष्य के लिए बेहतर नागरिक बन सकेंगे। स्कूलों को अनिवार्य रूप से पंजीकरण कराना होगा।

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