
31 अगस्त 2026 | खबर अभी अभी | शिमला

शिमला। कांग्रेस सरकार के पौने चार वर्ष के कार्यकाल के बीच द्रंग विधानसभा क्षेत्र में स्वास्थ्य और शिक्षा व्यवस्था को लेकर विधायक पूर्ण चंद ठाकुर ने गंभीर सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि द्रंग प्रदेश के पिछड़े विधानसभा क्षेत्रों में शामिल है और करीब 950 वर्ग किलोमीटर में फैले इस क्षेत्र में 71 पंचायतें आती हैं। इनमें करीब 45 से 50 पंचायतें पिछड़े क्षेत्र के अंतर्गत आती हैं।
विधायक पूर्ण चंद ठाकुर ने कहा कि द्रंग विधानसभा क्षेत्र में स्वास्थ्य और शिक्षा जैसी मूलभूत सुविधाओं के क्षेत्र में आज भी कर्मचारियों की भारी कमी बनी हुई है। उन्होंने सरकार से सवाल किया कि जब क्षेत्र के विभिन्न विभागों में बड़ी संख्या में पद खाली हैं, तो ऐसे में विकास कार्यों को गति कैसे मिलेगी और आम जनता को बेहतर सुविधाएं कैसे उपलब्ध होंगी।
स्वास्थ्य व्यवस्था पर उठाए सवाल
स्वास्थ्य व्यवस्था को लेकर विधायक ने कहा कि द्रंग के कई दूरदराज क्षेत्रों में मेडिकल ऑफिसर, मेडिकल सुपरवाइजर और पैरामेडिकल स्टाफ के पद खाली पड़े हैं। कर्मचारियों की कमी के कारण लोगों को पर्याप्त स्वास्थ्य सुविधाएं नहीं मिल पा रही हैं।
उन्होंने नगवाई सिविल अस्पताल का उदाहरण देते हुए कहा कि यह अस्पताल करीब 30 से 35 पंचायतों के लिए स्वास्थ्य सुविधा का प्रमुख केंद्र है, लेकिन यहां भी स्वास्थ्य व्यवस्था बेहद खराब स्थिति में है।
पूर्ण चंद ठाकुर के अनुसार, एक दिन अस्पताल में केवल एक डॉक्टर मौजूद था और अगले दिन वह डॉक्टर भी वहां से चला गया। इसके चलते अस्पताल पर ताला लटकने जैसी स्थिति पैदा हो गई। उन्होंने कहा कि इस मामले को उन्होंने मुख्यमंत्री के समक्ष उठाया, जिसके बाद एक डॉक्टर की डेपुटेशन पर तैनाती की गई, लेकिन विधायक के अनुसार वह डॉक्टर भी केवल एक दिन अस्पताल आया और अगले दिन नहीं पहुंचा।
विधायक ने आरोप लगाया कि क्षेत्र के लोगों को मुफ्त दवाइयां तक उपलब्ध नहीं हो पा रही हैं। ऐसे में गरीब और जरूरतमंद लोगों को इलाज के लिए मजबूरन निजी अस्पतालों का रुख करना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य व्यवस्था की यह समस्या केवल एक अस्पताल तक सीमित नहीं है, बल्कि पूरे द्रंग विधानसभा क्षेत्र में स्वास्थ्य सुविधाओं को लेकर गंभीर स्थिति बनी हुई है।
शिक्षा व्यवस्था में भी सैकड़ों पद खाली
शिक्षा व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए विधायक पूर्ण चंद ठाकुर ने कहा कि सरकार एक तरफ डे-बोर्डिंग स्कूल और राजीव गांधी डे-बोर्डिंग स्कूलों के माध्यम से शिक्षा व्यवस्था को बेहतर बनाने और सीबीएसई पैटर्न लागू करने की बात कर रही है, लेकिन दूसरी ओर जमीनी स्तर पर शिक्षकों और अन्य कर्मचारियों के सैकड़ों पद खाली पड़े हैं।
उन्होंने दावा किया कि द्रंग विधानसभा क्षेत्र में विभिन्न श्रेणियों को मिलाकर करीब 500 पद रिक्त चल रहे हैं। विधायक ने सवाल उठाया कि जब एक ही विधानसभा क्षेत्र में करीब 500 पद खाली होंगे, तो वहां की शिक्षा व्यवस्था का क्या हाल होगा।
उन्होंने कहा कि सरकार को नए मॉडल और डे-बोर्डिंग स्कूलों पर ध्यान देने के साथ-साथ पहले से संचालित स्कूलों में शिक्षकों और अन्य कर्मचारियों की कमी को दूर करने पर भी गंभीरता से काम करना चाहिए।
विधायक पूर्ण चंद ठाकुर ने कहा कि द्रंग जैसे बड़े और भौगोलिक रूप से विस्तृत विधानसभा क्षेत्र में स्वास्थ्य और शिक्षा सेवाओं को मजबूत करने के लिए पर्याप्त संख्या में कर्मचारियों की तैनाती जरूरी है। उन्होंने सरकार से खाली पदों को जल्द भरने और दूरदराज क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को बेहतर स्वास्थ्य एवं शिक्षा सुविधाएं उपलब्ध करवाने की मांग की।





