
देशभर में पेट्रोल और डीजल की कीमतों में एक बार फिर बढ़ोतरी कर दी गई है। सोमवार को सरकारी तेल कंपनियों ने पेट्रोल के दाम में 2.61 रुपये प्रति लीटर और डीजल में 2.71 रुपये प्रति लीटर तक का इजाफा किया। पिछले 10 दिनों में यह चौथी बार है जब ईंधन की कीमतों में बढ़ोतरी हुई है। लगातार बढ़ते दामों ने आम लोगों की चिंता बढ़ा दी है और महंगाई बढ़ने की आशंका भी तेज हो गई है।
नई दरों के अनुसार राजधानी दिल्ली में पेट्रोल की कीमत बढ़कर 102.12 रुपये प्रति लीटर और डीजल 95.20 रुपये प्रति लीटर पहुंच गया है। कोलकाता में पेट्रोल 113.51 रुपये और डीजल 99.82 रुपये प्रति लीटर बिक रहा है। मुंबई में पेट्रोल 111.21 रुपये और डीजल 97.83 रुपये प्रति लीटर हो गया है, जबकि चेन्नई में पेट्रोल 107.77 रुपये प्रति लीटर पहुंच गया है।
इससे पहले 15 मई को पेट्रोल और डीजल की कीमतों में 3 रुपये प्रति लीटर की बढ़ोतरी की गई थी। इसके बाद 19 मई को दोनों ईंधनों के दाम में करीब 90 पैसे प्रति लीटर का इजाफा हुआ। वहीं 23 मई को पेट्रोल 87 पैसे और डीजल 91 पैसे प्रति लीटर महंगा हुआ था। अब 25 मई को फिर बड़ी बढ़ोतरी ने आम उपभोक्ताओं की जेब पर अतिरिक्त बोझ डाल दिया है।
विशेषज्ञों के अनुसार अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में तेजी, रुपये की कमजोरी और आयात लागत बढ़ने के कारण तेल कंपनियों पर दबाव बढ़ा है। रिफाइनिंग मार्जिन में बदलाव का असर भी ईंधन की कीमतों पर पड़ रहा है। लंबे समय तक कीमतें स्थिर रखने के बाद अब तेल कंपनियां बढ़ी हुई लागत का भार उपभोक्ताओं पर डाल रही हैं।
डीजल की कीमतों में बढ़ोतरी का असर ट्रांसपोर्ट और माल ढुलाई पर भी पड़ने की आशंका जताई जा रही है। इससे फल, सब्जी, दूध और रोजमर्रा की दूसरी जरूरी वस्तुओं के दाम बढ़ सकते हैं। खेती और परिवहन क्षेत्र पर भी अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ने की संभावना है।
इस मुद्दे पर आम आदमी पार्टी ने केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला है। पार्टी के राष्ट्रीय मीडिया प्रभारी अनुराग ढांडा ने सोशल मीडिया पोस्ट में कहा कि “मोदी सरकार जनता को तिल-तिल मार रही है। पिछले 10 दिनों में पेट्रोल और डीजल की कीमतों में 7.50 रुपये तक की बढ़ोतरी हो चुकी है।”





