मानसून सत्र शुरू होते ही सियासी पारा हाई, रोजगार के मुद्दे पर विधानसभा परिसर में भाजपा का प्रदर्शन

खबर अभी-अभी | 21 अगस्त, 2026 | शिमला।

हिमाचल प्रदेश विधानसभा के मानसून सत्र की शुरुआत के साथ ही सियासी पारा चढ़ गया। सदन की कार्यवाही शुरू होने से पहले विपक्षी भाजपा विधायकों ने प्रदेश में रोजगार के मुद्दे को लेकर कांग्रेस सरकार के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन किया और नारेबाजी की।

विपक्ष ने सरकार पर प्रदेश के बेरोजगार युवाओं से किए गए वादे पूरे नहीं करने का आरोप लगाया। भाजपा ने रोजगार के मुद्दे पर सदन में चर्चा की मांग करते हुए नियम 67 के तहत स्थगन प्रस्ताव का नोटिस भी दिया। विपक्ष ने सदन का अन्य कामकाज स्थगित कर रोजगार के मुद्दे पर चर्चा करवाने की मांग उठाई।

‘5 लाख नौकरियों का वादा पूरा नहीं हुआ’

भाजपा विधायक रणधीर शर्मा ने मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू के नेतृत्व वाली कांग्रेस सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि कांग्रेस प्रदेश में पांच लाख नौकरियां देने का वादा कर सत्ता में आई थी, लेकिन अब तक प्रदेश के युवाओं को केवल कुछ हजार नौकरियां ही मिल सकी हैं।

उन्होंने सरकार पर बेरोजगार युवाओं के साथ ठगी और धोखा करने का आरोप लगाया। रणधीर शर्मा ने कहा कि विपक्ष ने नियम 67 के तहत स्थगन प्रस्ताव का नोटिस दिया है और मांग की है कि सदन का पूरा बिजनेस स्थगित कर युवाओं के रोजगार के मुद्दे पर चर्चा करवाई जाए।

मुख्यमंत्री सुक्खू का पलटवार

वहीं, विपक्ष के प्रदर्शन पर मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू ने पलटवार किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि विरोध प्रदर्शन करना विपक्ष का दायित्व है और अपनी बात रखना लोकतांत्रिक व्यवस्था का हिस्सा है।

उन्होंने भाजपा पर आंतरिक कलह के चलते प्रदर्शन करने का आरोप लगाया और कहा कि पार्टी के नेता केवल दिखावे तथा पार्टी हाईकमान की नजरों में बने रहने के लिए विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं। मुख्यमंत्री ने विपक्ष के प्रदर्शन के बहाने नेता प्रतिपक्ष पर भी निशाना साधते हुए भाजपा के भीतर मतभेदों का मुद्दा उठाया।

मानसून सत्र के पहले ही दिन सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी सियासी तकरार के संकेत साफ दिखाई दिए। अब रोजगार सहित अन्य मुद्दों को लेकर आगामी दिनों में सदन के भीतर सरकार और विपक्ष के बीच बहस तेज होने के आसार हैं।

Share the news