हिमाचल: मुलिंग पुल के पास गाड़ी दुर्घटनाग्रस्त, पत्थर गिरने से चंद्रा नदी में गिरी; गंभीर घायल चालक रेफर

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लाहौल स्पीती ,
लाहौल-स्पीति जिले के दुर्गम इलाके में मंगलवार को एक दर्दनाक सड़क हादसा हो गया। मुलिंग पुल के पास पहाड़ी से अचानक गिरे बड़े पत्थर की चोट लगने से एक कार अनियंत्रित होकर चंद्रा नदी में जा गिरी। इस हादसे में कार चालक गंभीर रूप से घायल हो गया। स्थानीय प्रशासन और पुलिस ने तुरंत बचाव कार्य शुरू किया और घायल को अस्पताल पहुंचाया।हादसे की जानकारी मिलते ही पुलिस टीम मुलिंग पुल और क्षेत्रीय अस्पताल केलांग पहुंची। प्रारंभिक जांच में पता चला कि वाहन संख्या HP-06C-9494 चला रहे अनीश राणा की कार पर ऊपर से पत्थर गिरा।
पत्थर की तेज चोट लगते ही ड्राइवर का वाहन पर नियंत्रण चला गया और कार नदी में गिर पड़ी। चंद्रा नदी इस क्षेत्र में काफी तेज बहाव वाली है, जिससे हादसे की तीव्रता बढ़ गई। 35 वर्षीय अनीश राणा चंडीगढ़ के सेक्टर-7बी के निवासी हैं। वह लाहौल के जिस्पा क्षेत्र में कैंपिंग और एडवेंचर टूरिज्म व्यवसाय से जुड़े हुए हैं। पर्यटकों को कैंपिंग साइट्स, ट्रेकिंग और एडवेंचर गतिविधियों की सुविधा उपलब्ध कराने वाले अनीश अक्सर इस मार्ग पर आते-जाते रहते थे। हादसे में उनके सिर, चेहरे और शरीर के कई हिस्सों में गंभीर चोटें आई हैं।
क्षेत्रीय अस्पताल केलांग में डॉक्टर आकर्षक की टीम ने उन्हें प्राथमिक उपचार दिया, जिसमें घावों की ड्रेसिंग, दर्द निवारक दवाएं और जरूरी जांच शामिल थी। हालत स्थिर लेकिन गंभीर बनी रहने के कारण उन्हें बेहतर इलाज के लिए क्षेत्रीय अस्पताल कुल्लू रेफर कर दिया गया है।पुलिस अधीक्षक शिवानी मेहला ने बताया कि पुलिस ने मौके पर पहुंचकर पूरी जांच शुरू कर दी है। हादसे की प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है और आगे की कार्रवाई चल रही है। पुलिस स्थानीय गवाहों और आसपास के लोगों से पूछताछ कर रही है।
उन्होंने कहा कि ऐसे हादसे अक्सर प्राकृतिक कारणों से होते हैं, लेकिन सावधानी बरतकर इन्हें कम किया जा सकता है। लाहौल-स्पीति क्षेत्र हिमालय की ऊंची पहाड़ियों से घिरा हुआ है। यहां सड़कें संकरी और खतरनाक होती हैं। खासकर मई-जून के महीने में बर्फ पिघलने और मौसम बदलने के कारण पहाड़ों से पत्थर और मलबा गिरने की घटनाएं बढ़ जाती हैं। मुलिंग पुल वाला रास्ता मनाली-लेह हाईवे से जुड़ा महत्वपूर्ण मार्ग है, जहां रोजाना पर्यटक, स्थानीय वाहन और सामान ढोने वाले ट्रक आते-जाते हैं।

स्थानीय लोगों का कहना है कि पिछले कुछ वर्षों में पत्थर गिरने की कई घटनाएं हो चुकी हैं, जिनमें कुछ गंभीर हादसे भी शामिल हैं। स्थानीय निवासी राम सिंह ने बताया कि यहां सुबह-शाम पत्थर गिरते रहते हैं। यात्रा करते समय हमेशा सतर्क रहना चाहिए। गाड़ी की स्पीड कम रखनी चाहिए और पहाड़ी की तरफ से आवाज आने पर तुरंत सावधानी बरतनी चाहिए। प्रशासन ने यात्रियों से अपील की है कि इस मौसम में लाहौल-स्पीति की यात्रा करते समय अतिरिक्त सावधानी बरतें।

खराब मौसम, पत्थर गिरने और भूस्खलन की आशंका को देखते हुए धीरे चलने और जरूरी सुरक्षा उपकरण साथ रखने की सलाह दी गई है।यह हादसा एक बार फिर पहाड़ी क्षेत्रों में सड़क सुरक्षा की चुनौतियों को उजागर करता है। जिला प्रशासन और लोक निर्माण विभाग को ऐसे संवेदनशील इलाकों में पत्थर गिरने से बचाव के लिए दीवारें, नेटिंग और नियमित निगरानी बढ़ाने की जरूरत है। घायल अनीश राणा की शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की जा रही है। पुलिस मामले की गहन जांच कर रही है और रिपोर्ट का इंतजार है।

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