
हिमाचल प्रदेश में त्रिस्तरीय पंचायतीराज संस्थाओं के चुनाव के पहले चरण के लिए चुनाव प्रचार रविवार शाम को पूरी तरह थम गया। अब 26 मई मंगलवार को राज्य की 1,293 पंचायतों में मतदान होगा। चुनाव प्रक्रिया को शांतिपूर्ण और पारदर्शी तरीके से संपन्न करवाने के लिए राज्य निर्वाचन आयोग ने 8,198 कर्मचारियों और अधिकारियों की ड्यूटी लगाई है। रविवार को पोलिंग पार्टियों को मतदान सामग्री के साथ संबंधित मतदान केंद्रों के लिए रवाना कर दिया गया, जबकि दुर्गम और जनजातीय क्षेत्रों में कर्मचारियों को पहले ही भेज दिया गया था।
प्रदेश में पंचायत चुनाव तीन चरणों में करवाए जा रहे हैं। पहले चरण का मतदान 26 मई, दूसरे चरण का 28 मई और तीसरे चरण का मतदान 30 मई को होगा। पंचायत प्रधान, उपप्रधान और पंच पदों के परिणाम मतदान के साथ ही घोषित कर दिए जाएंगे, जबकि जिला परिषद (जिप) और पंचायत समिति सदस्य (बीडीसी) के नतीजे तीनों चरण पूरे होने के बाद 31 मई को एक साथ घोषित किए जाएंगे।
इधर पंचायत चुनाव के बीच भारतीय जनता पार्टी में अंदरूनी कलह खुलकर सामने आने लगी है। भाजपा ने जिला परिषद चुनाव में अधिकृत प्रत्याशियों के खिलाफ चुनाव लड़ने वाले 28 पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं को संगठनात्मक दायित्वों से मुक्त कर दिया है। भाजपा प्रदेशाध्यक्ष Rajeev Bindal की अनुमति से यह कार्रवाई पार्टी विरोधी गतिविधियों के आरोप में की गई है।
प्रदेशाध्यक्ष राजीव बिंदल ने कहा कि संगठन हित और पार्टी अनुशासन सर्वोपरि है तथा अधिकृत प्रत्याशियों के खिलाफ चुनाव लड़ना गंभीर अनुशासनहीनता है। कार्रवाई की जद में महिला मोर्चा की प्रदेश सोशल मीडिया सह-संयोजक सरिता वर्मा, युवा मोर्चा के प्रदेश उपाध्यक्ष देवांश चंदेल, प्रदेश सचिव रोहित ठाकुर, शहरी निकाय प्रकोष्ठ की सह-संयोजक वीना कपिल, सांस्कृतिक प्रकोष्ठ के सह-संयोजक मनोज कुमार और ओबीसी मोर्चा के आईटी सह-संयोजक अनिल सैनी (डिम्पल) समेत कई नेता शामिल हैं।
इसके अलावा युवा मोर्चा के कार्यकारिणी सदस्य विश्व बंधु शर्मा, विजय भाटिया, शिमला जिला सचिव मीना वर्मा, जिला उपाध्यक्ष सुमन चौहान, चंबा के सुभाष चंद, बनीखेत मंडल के उपाध्यक्ष सचिन महाजन सहित कई पदाधिकारियों को भी दायित्वों से मुक्त किया गया है।
मंडी जिले में भाजपा के छह पदाधिकारियों पर कार्रवाई के बाद राजनीतिक हलचल और तेज हो गई है। बल्ह से अनिल सैनी, विश्व बंधु शर्मा और दुष्यंत शर्मा, धर्मपुर से रीता निराला तथा जोगिंद्रनगर से विजय भाटिया को संगठनात्मक पदों से हटाया गया है। इससे पहले नेता प्रतिपक्ष Jai Ram Thakur ने भी अनुशासनात्मक कार्रवाई के संकेत दिए थे।
वहीं लाहौल-स्पीति में भाजपा को बड़ा झटका लगा है। पंचायत चुनाव से ठीक पहले भाजपा के 71 पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने सामूहिक इस्तीफा दे दिया। कार्यकर्ताओं ने जिला भाजपा अध्यक्ष की कार्यप्रणाली, समर्पित कार्यकर्ताओं की अनदेखी और कांग्रेस से आए नेताओं को प्राथमिकता देने के आरोप लगाए हैं।
हालांकि जिला भाजपा अध्यक्ष Rigzin Hyerpa ने इन आरोपों को निराधार बताते हुए इसे एक षड्यंत्र करार दिया है। उन्होंने कहा कि जिन नामों का उल्लेख किया गया है, उनमें कई लोगों की सही जानकारी तक उपलब्ध नहीं है।





