20 हजार नौतोड़ मामले लंबित, जगत सिंह नेगी ने राज्यपाल से जल्द मंजूरी की गुहार लगाई

खबर अभी-अभी | 21 अगस्त, 2026 | शिमला।

हिमाचल प्रदेश के जनजातीय विकास मंत्री जगत सिंह नेगी ने जनजातीय क्षेत्रों में नौतोड़ के लंबित मामलों को जल्द मंजूरी देने की मांग उठाई है। उन्होंने कहा कि जनजातीय क्षेत्रों में करीब 20 हजार नौतोड़ मामले लंबित हैं और इनके निपटारे में हो रही देरी से लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

जगत सिंह नेगी ने कहा कि नौतोड़ का अधिकार 20 बीघा से कम भूमि वाले लोगों को दिया जाना है। उन्होंने कहा कि इस संबंध में राज्यपाल के पास संविधान के अनुच्छेद-5 के तहत अधिकार हैं और लंबित मामलों पर जल्द फैसला लिया जाना चाहिए।

पूर्व भाजपा सरकार पर साधा निशाना

जनजातीय विकास मंत्री ने आरोप लगाया कि पूर्व भाजपा सरकार ने नौतोड़ के लंबित मामलों के समाधान की दिशा में कोई गंभीर प्रयास नहीं किया। उन्होंने दावा किया कि पूर्व सरकार के कार्यकाल में नौतोड़ का केवल एक मामला स्वीकृत किया गया।

जगत सिंह नेगी ने पूर्व मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर पर भी निशाना साधते हुए कहा कि जनजातीय क्षेत्रों के लोगों से जुड़े इस महत्वपूर्ण मुद्दे पर पूर्व सरकार ने पर्याप्त ध्यान नहीं दिया।

राज्यपाल से दो बार मिल चुके हैं नेगी

नेगी ने बताया कि वह मौजूदा राज्यपाल कविंदर गुप्ता से नौतोड़ के लंबित मामलों को लेकर दो बार मुलाकात कर चुके हैं। उन्होंने कहा कि इससे पहले वह पूर्व राज्यपाल शिव प्रताप शुक्ल से भी इस मुद्दे को लेकर आठ बार मिले थे।

मंत्री ने कहा कि पूर्व राज्यपाल ने इस मामले पर गंभीरता से काम नहीं किया, जबकि मौजूदा राज्यपाल ने त्वरित कार्रवाई का भरोसा दिया है। उन्होंने राज्यपाल से लंबित मामलों को जल्द मंजूरी देने का आग्रह किया।

पलायन रोकने के लिए मंजूरी जरूरी

जगत सिंह नेगी ने कहा कि नौतोड़ मामलों की मंजूरी जनजातीय क्षेत्रों से हो रहे पलायन को रोकने के लिए बेहद महत्वपूर्ण है। उनके अनुसार इससे बंजर भूमि को आबाद किया जा सकेगा और लोगों को अपने ही क्षेत्रों में रहने तथा आजीविका के बेहतर अवसर मिलेंगे।

उन्होंने कहा कि लंबित मामलों पर जल्द कार्रवाई होनी चाहिए, ताकि लोगों को अपनी मांगों को लेकर सड़कों पर उतरकर आंदोलन करने के लिए मजबूर न होना पड़े।

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