श्रीराम को केवल मानो मत जानो भी – साध्वी गरिमा भारती

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कुल्लू ,
गुरुदेव आशुतोष महाराज के दिव्य मार्गदर्शन में दिव्य ज्योति जाग्रति संस्थान द्वारा 30 मई से 5 जून तक सायं 4 बजे से सायं 7 बजे तक रथ ग्राउंड,ढालपुर, कुल्लू में भव्य श्री राम कथा का आयोजन किया गया। कथा का शुभारंभ विधिवत् पूजन से हुआ जिसमें राजीव करीर, राकेश कोहली,राजीव सूद,राम सिंह और अनिरुद्ध खैरा ने परिवार सहित हिस्सा लिया। दिव्य गुरुदेव आशुतोष महाराज की शिष्या कथा व्यास साध्वी सुश्री गरिमा भारती जी ने श्री राम कथा के प्रथम दिवस में कहा कि प्रभु श्री राम का चरित्र विश्व संस्कृति में एक उज्जवल एवं सर्वत्र परिव्याप्त वर्णातीत सत्य तत्व है। भारतीय संस्कृति एवं सभ्यता में राम कथा का वशिष्ट स्थान है। राम जी के बिना भारतीयता का अस्तित्व एवं उसकी पहचान भी संभव नहीं है। उन्होंने कहा कि हमारे जीवन का आधार प्रभु श्री राम है लेकिन उन्हें हम अपनी बुद्धि के द्वारा कभी समझ ही नहीं सकते। शास्त्र कहते है “राम अतर्क्य बुद्धि मन वाणी बुद्धि की एक सीमा होती है और सीमित बुद्धि से असीम को पाया नहीं जा सकता। जहां बुद्धि की सीमा समाप्त होती है वहीं से ज्ञान का प्रारम्भ होता है। उन्होंने माता सती के प्रसंग के माध्यम से समझाया कि सती बुद्धि से इन्द्रियों से राम जी की लीला और उनके रहस्य को समझना चाहती थी पर नाकामयाब हुई। ठीक इसी प्रकार मन बुद्धि से हम अध्यात्म को समझ नहीं सकते क्योंकि अध्यात्म का अर्थ होता है आत्मा का अध्ययन अर्थात आत्मानुभूति। जो केवल एक गुरु की कृपा से ही हम कर सकते है। मात्र एक पूर्ण गुरु ही हमें संशयों के भंवडर से निकाल कर अध्यात्म की डगर पर ले चलते हैं।
सत्संग सभा अखाड़ा बाज़ार के सदस्यों ने कथा व्यास जी को शॉल ओढ़कर उनका कुल्लू पधारने पर अभिनंदन किया।
कथा का समापन मंगल आरती से हुआ जिसमें राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ प्रचारक संजीवन जी विशेष रूप से उपस्थित रहे।जेल प्रशासन से विशाल डोगरा, पवित्र सिंह श्याम वर्मा, ओम प्रकाश ने भी आरती कर आशीर्वाद प्राप्त किया।
कथा के बाद सारी संगत के लिए भंडारे का प्रबंध किया गया।

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