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Kullu-
मानसून की दस्तक के बीच कुल्लू शहर के वार्ड नंबर-4 (अपर सुल्तानपुर) और वार्ड नंबर-2 (अखाड़ा बाज़ार) में संभावित भूस्खलन को लेकर स्थानीय लोगों की चिंता बढ़ गई है। इसी को देखते हुए मुख्यमंत्री को एक विस्तृत ज्ञापन भेजकर इन संवेदनशील क्षेत्रों में जन-धन की सुरक्षा के लिए तत्काल निवारक कदम उठाने की मांग की गई है।
ज्ञापन में कहा गया है कि पिछले वर्ष भारी बारिश के दौरान इन क्षेत्रों में कई स्थानों पर भूस्खलन हुआ था, जिससे मकानों, सड़कों, सार्वजनिक अवसंरचना और निजी संपत्तियों को भारी नुकसान पहुंचा था। वर्तमान में भी कई ढलान अस्थिर बने हुए हैं और लगातार वर्षा होने की स्थिति में दोबारा भूस्खलन की आशंका बनी हुई है। इससे स्थानीय निवासी भय और असुरक्षा के माहौल में रह रहे हैं।
मुख्यमंत्री से आग्रह किया गया है कि जिला प्रशासन, लोक निर्माण विभाग, नगर परिषद, राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण और संबंधित विभागों को तत्काल आवश्यक निर्देश जारी कर संवेदनशील क्षेत्रों का विशेषज्ञों से तकनीकी निरीक्षण कराया जाए। साथ ही भूस्खलन की आशंका वाले ढलानों को एचडीपीई शीट या अन्य उपयुक्त सामग्री से ढकने, रिटेनिंग वॉल, वायर मेश, रॉक बोल्टिंग, शॉटक्रिट और वैज्ञानिक जल निकासी व्यवस्था विकसित करने की मांग भी उठाई गई है।
ज्ञापन में यह भी कहा गया है कि नालियों और जल निकासी मार्गों की नियमित सफाई, ढीले पत्थरों व मलबे को हटाने, संवेदनशील क्षेत्रों की लगातार निगरानी, प्रभावी अर्ली वार्निंग सिस्टम विकसित करने तथा किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए मशीनरी, राहत सामग्री और बचाव दल पहले से तैनात किए जाएं।
इसके अलावा आवश्यकता पड़ने पर प्रभावित परिवारों के अस्थायी पुनर्वास की व्यवस्था करने और भविष्य में भूस्खलन की पुनरावृत्ति रोकने के लिए ढलानों के स्थायी सुदृढ़ीकरण, वृक्षारोपण तथा अन्य वैज्ञानिक उपायों को प्राथमिकता के आधार पर लागू करने की भी मांग की गई है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि समय रहते आवश्यक कदम उठाए गए तो न केवल लोगों की जान-माल की सुरक्षा सुनिश्चित होगी, बल्कि करोड़ों रुपये की सार्वजनिक और निजी संपत्ति को भी संभावित नुकसान से बचाया जा सकेगा। उन्होंने सरकार से इस मामले में शीघ्र कार्रवाई कर मानसून के दौरान किसी भी अप्रिय घटना को रोकने की अपील की है।





