
31 अगस्त 2026 | खबर अभी अभी | कुल्लू

कुल्लू। विकास खंड भुंतर की पंचायतों के नवनिर्वाचित प्रधानों, उप-प्रधानों और वार्ड सदस्यों के लिए प्रशिक्षण कार्यक्रम सोमवार को जिला परिषद भवन कुल्लू में शुरू हुआ। कार्यक्रम का शुभारंभ अतिरिक्त जिला दंडाधिकारी सुरजीत सिंह राठौर ने किया।
इस अवसर पर एडीएम ने सभी नवनिर्वाचित पंचायत प्रतिनिधियों को बधाई देते हुए कहा कि प्रशिक्षण का मुख्य उद्देश्य उन्हें पंचायती राज व्यवस्था की कार्यप्रणाली, भूमिकाओं, अधिकारों और दायित्वों की विस्तृत जानकारी प्रदान करना है, ताकि वे पंचायतों का प्रभावी एवं बेहतर संचालन कर सकें।
प्रशिक्षण के दौरान पंचायत प्रतिनिधियों को उनके संवैधानिक, विधिक, सामाजिक और नैतिक उत्तरदायित्वों के साथ-साथ अधिकारों की जानकारी दी गई। स्थानीय स्वशासन की महत्वपूर्ण इकाई के रूप में पंचायती राज संस्थाओं की भूमिका और महत्व पर भी विस्तार से प्रकाश डाला गया।
प्रधान, उप-प्रधान और वार्ड सदस्यों की भूमिकाओं की दी जानकारी
प्रतिनिधियों को ग्राम पंचायत के प्रशासनिक कार्यों के बारे में जानकारी देते हुए प्रधान, उप-प्रधान, वार्ड सदस्यों और पंचायत सचिव की भूमिकाओं एवं दायित्वों को विस्तार से समझाया गया। पंचायत स्तर पर विकास कार्यों के प्रभावी क्रियान्वयन, आपसी समन्वय और जवाबदेही सुनिश्चित करने पर विशेष जोर दिया गया।
प्रशिक्षण के दौरान ग्राम पंचायत की बैठक आयोजित करने की प्रक्रिया, एजेंडा तैयार करना, बैठक की कार्यवाही लिखना, कोरम, आय-व्यय के खातों की प्रस्तुति और ऑडिट रिपोर्ट सहित विभिन्न महत्वपूर्ण विषयों पर जानकारी दी गई।
इसके अलावा ग्राम सभा, महिला ग्राम सभा और उप ग्राम सभा की भूमिका, सदस्यता, शक्तियों तथा बैठकों के आयोजन की प्रक्रिया के बारे में भी पंचायत प्रतिनिधियों को प्रशिक्षित किया गया।
पारदर्शिता और जनभागीदारी बढ़ाने पर जोर
प्रशिक्षण कार्यक्रम के माध्यम से नवनिर्वाचित पंचायत प्रतिनिधियों को पंचायतों के संचालन से जुड़े नियमों और प्रक्रियाओं की व्यावहारिक जानकारी उपलब्ध करवाई जा रही है। इससे प्रतिनिधियों को अपने दायित्वों का प्रभावी ढंग से निर्वहन करने में मदद मिलेगी।
प्रशिक्षण के माध्यम से ग्रामीण स्तर पर विकास कार्यों में जनभागीदारी, पारदर्शिता और जवाबदेही को बढ़ावा देने पर भी जोर दिया जा रहा है।





