
31 अगस्त 2026 | खबर अभी अभी | शिमला

शिमला। कांग्रेस की ओर से वर्ष 2022 में विधानसभा चुनाव से पहले घोषित की गई 10 गारंटियों को चार साल पूरे होने पर भाजपा विधायक सुधीर शर्मा ने प्रदेश सरकार पर तीखा तंज कसा है। उन्होंने कांग्रेस की गारंटियों पर सवाल उठाते हुए कहा कि सरकार को अब अपने वादों का हिसाब जनता को देना चाहिए।
शिमला में मीडिया से बातचीत के दौरान सुधीर शर्मा ने कहा कि 31 अगस्त 2022 को कांग्रेस ने शिमला में 10 गारंटियों की घोषणा की थी। तत्कालीन छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने इन गारंटियों की घोषणा की थी। उन्होंने कहा कि अब इस घोषणा को चार साल पूरे हो चुके हैं। इसी को लेकर सोशल मीडिया पर की गई एक पोस्ट का जिक्र करते हुए उन्होंने सरकार पर व्यंग्य किया और इसे ‘चतुर्वार्षिक श्राद्ध’ से जोड़कर तंज कसा।
सरकारी नौकरियों को लेकर सरकार पर सवाल
सुधीर शर्मा ने कहा कि कांग्रेस ने सत्ता में आने के बाद पहली ही कैबिनेट बैठक में एक लाख सरकारी नौकरियां देने का वादा किया था, लेकिन अभी तक युवाओं को इसका लाभ नहीं मिला है। उन्होंने सरकार से सवाल किया कि चुनाव के दौरान किए गए रोजगार के वादे का क्या हुआ।
उन्होंने कहा कि प्रदेश में बड़ी संख्या में युवा रोजगार की तलाश में हैं और सरकार को सरकारी भर्तियों को लेकर स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए।
आउटसोर्स भर्तियों पर भी उठाए सवाल
भाजपा विधायक ने प्रदेश में हो रही आउटसोर्स भर्तियों को लेकर भी सरकार पर सवाल खड़े किए। उन्होंने आरोप लगाया कि अलग-अलग विभागों में विभिन्न माध्यमों से आउटसोर्स कर्मचारियों की नियुक्तियां की जा रही हैं।
सुधीर शर्मा ने कहा कि उन्होंने विधानसभा में यह सवाल पूछा था कि प्रदेश में कितनी आउटसोर्स कंपनियां काम कर रही हैं और वे किसके नाम पर पंजीकृत हैं, लेकिन उन्हें सदन में इस संबंध में स्पष्ट जानकारी नहीं दी जा रही है।
उन्होंने आउटसोर्स नियुक्तियों में वेतन को लेकर भी सवाल उठाए। सुधीर शर्मा ने दावा किया कि PGI में 90 हजार रुपये के वेतन पर HimCare के फैसिलिटेटर लगाए गए हैं, जबकि 34 हजार रुपये के वेतन पर MBBS डॉक्टरों की आउटसोर्स भर्ती की जा रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार सदन के भीतर और बाहर इस संबंध में पूरी जानकारी उपलब्ध नहीं करवा रही है।
विधानसभा में सवालों के जवाब नहीं मिलने का आरोप
सुधीर शर्मा ने कहा कि विधानसभा में उनके द्वारा लगाए गए कई सवालों के जवाब भी नहीं मिल रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि कई बार प्रश्न डिलीट कर दिए जाते हैं या फिर यह कहकर जानकारी एकत्रित करने की बात कही जाती है कि सूचना उपलब्ध होने में समय लगेगा।
उन्होंने कहा कि RTI के माध्यम से कई मामलों की जानकारी प्राप्त हो जाती है, लेकिन विधानसभा में पूछे गए सवालों पर स्पष्ट जवाब नहीं मिल रहे हैं।
नैनो यूरिया मामले पर SIT को लेकर तंज
नैनो यूरिया के मामले को लेकर भी सुधीर शर्मा ने सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि सदन में कांग्रेस विधायक की ओर से यह मामला उठाया गया था कि बागवानों को नैनो यूरिया लेने के लिए कहा जा रहा है। बाद में यह बात सामने आई कि केंद्र सरकार की ओर से इस संबंध में कोई नोटिफिकेशन जारी नहीं हुई है।
उन्होंने कहा कि इस मामले में यह जांच की जानी चाहिए कि आखिर बागवानों को नैनो यूरिया खरीदने के लिए कौन कह रहा है। SIT गठित करने की मांग पर तंज कसते हुए सुधीर शर्मा ने कहा कि SIT बनाने में सरकार की विशेषज्ञता है, इसलिए इस मामले की जांच के लिए भी एक SIT गठित कर देनी चाहिए।
राहुल गांधी पर FIR को लेकर कांग्रेस के प्रदर्शन पर भी कटाक्ष
राहुल गांधी पर FIR के विरोध में कांग्रेस के प्रदर्शन को लेकर भी सुधीर शर्मा ने तंज कसा। उन्होंने कहा कि कांग्रेस को प्रदर्शन करने की आदत नहीं है और सत्ता में रहते हुए कांग्रेस अब विपक्ष में रहने की प्रैक्टिस कर रही है।
उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने सत्ता में रहते हुए ही एक साल पहले से विपक्ष में बैठने की तैयारी शुरू कर दी है। हालांकि, उन्होंने यह भी तंज कसा कि विपक्ष में रहने के लिए विधायकों का होना जरूरी है और आने वाले चुनाव में जनता कांग्रेस को विपक्ष के लायक भी विधायक जिताकर नहीं लाएगी।





