
31 अगस्त 2026 | खबर अभी अभी | शिमला

शिमला। मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने कहा कि प्रदेश सरकार पंचायत चौकीदारों की लंबित मांगों पर सहानुभूतिपूर्ण दृष्टिकोण अपनाते हुए निर्णय ले रही है। उन्होंने कहा कि सेवा की पात्रता पूरी कर चुके पंचायत चौकीदारों को नियमित करने का निर्णय सरकार ने लिया है।
मुख्यमंत्री सोमवार को शिमला के चौड़ा मैदान में पंचायत चौकीदार यूनियन की ओर से आयोजित सम्मेलन को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार पंचायत चौकीदारों के हितों के संरक्षण के लिए सदैव संवेदनशील रही है।
उन्होंने बताया कि वर्तमान वित्त वर्ष के बजट में पंचायत चौकीदारों के मानदेय में बढ़ोतरी का निर्णय लिया गया है। इसके तहत मानदेय में 500 रुपये की बढ़ोतरी कर अब पंचायत चौकीदारों को 9 हजार रुपये प्रतिमाह प्रदान किए जा रहे हैं।
कमजोर वर्गों को सशक्त बनाने पर सरकार का जोर
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार समाज के कमजोर वर्गों को सशक्त बनाने के उद्देश्य से कार्य कर रही है। राज्य की संपदा का लाभ समाज के सभी वर्गों तक पहुंचे, इसके लिए दूरगामी निर्णय लिए जा रहे हैं और उन्हें प्रभावी तरीके से लागू किया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि सरकारी प्रक्रियाओं को सरल बनाने के लिए नियमों और कानूनों में आवश्यक बदलाव भी किए जा रहे हैं, ताकि आम लोगों को इसका लाभ मिल सके।
भ्रष्टाचार के खिलाफ कार्रवाई का दावा
मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने कहा कि प्रदेश सरकार ने भ्रष्टाचार के चोर दरवाजों को बंद कर तीन हजार करोड़ रुपये से अधिक की बचत की है। जल विद्युत परियोजनाओं में हिमाचल के जायज हक का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि प्रदेश अपनी प्राकृतिक संपदा पर अपने अधिकार को सुनिश्चित करते हुए आत्मनिर्भर बनने की दिशा में आगे बढ़ रहा है।
OPS को लेकर भाजपा पर निशाना
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार ने कर्मचारियों के लिए ओल्ड पेंशन स्कीम (OPS) बहाल करने का निर्णय राजनीतिक दृष्टिकोण से नहीं, बल्कि सामाजिक दृष्टिकोण से लिया है। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा ओपीएस को बंद करने के मंसूबे बना रही है।
प्राकृतिक खेती और दूध के समर्थन मूल्य का जिक्र
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने के लिए कई महत्वपूर्ण कदम उठा रही है। राज्य में प्राकृतिक खेती को बढ़ावा दिया जा रहा है और प्राकृतिक रूप से उत्पादित फसलों के लिए समर्थन मूल्य निर्धारित किया गया है।
उन्होंने बताया कि प्राकृतिक खेती से उत्पादित गेहूं के लिए 80 रुपये, मक्की के लिए 50 रुपये और कच्ची हल्दी के लिए 150 रुपये प्रति किलोग्राम समर्थन मूल्य दिया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि इसके अतिरिक्त सरकार की ओर से गाय के दूध के लिए 61 रुपये और भैंस के दूध के लिए 71 रुपये प्रति लीटर समर्थन मूल्य प्रदान किया जा रहा है।
सम्मेलन में ये रहे मौजूद
सम्मेलन को इंटक के उपाध्यक्ष पूर्ण चंद और पंचायत चौकीदार यूनियन (इंटक) के राज्य अध्यक्ष प्रेम वर्धन ने भी संबोधित किया।
इस अवसर पर ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज मंत्री अनिरुद्ध सिंह सहित विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।





