
1 सितंबर 2026 | खबर अभी अभी | शिमला

हिमाचल प्रदेश में सेवानिवृत्त कर्मचारियों के लंबित वित्तीय लाभों को लेकर भाजपा प्रदेश अध्यक्ष डॉ. राजीव बिंदल ने कांग्रेस सरकार पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि जिन कर्मचारियों ने अपने जीवन के 30 से 40 वर्ष हिमाचल प्रदेश की सेवा में लगाए, उन्हें आज अपने ही अधिकारों और लंबित वित्तीय लाभों के लिए सड़कों पर उतरकर आंदोलन करने को मजबूर होना पड़ रहा है।
डॉ. बिंदल ने कहा कि प्रदेश का लगभग हर वर्ग वर्तमान सरकार की कार्यशैली से परेशान है, लेकिन सेवानिवृत्त कर्मचारियों की स्थिति सबसे अधिक दुर्भाग्यपूर्ण है। उन्होंने कहा कि 70, 75, 80 और यहां तक कि 90 वर्ष की आयु के बुजुर्गों को अपने पेंशनरी लाभों के लिए धरने-प्रदर्शन करने पड़ रहे हैं, जो सरकार के लिए शर्मनाक स्थिति है।
‘दशकों तक प्रदेश की सेवा करने वालों की आवाज नहीं सुन रही सरकार’
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने आरोप लगाया कि जिन लोगों ने दशकों तक प्रदेश की सेवा की, उन्हें जीवन के इस पड़ाव पर अपने अधिकारों के लिए सरकार के खिलाफ संघर्ष करना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस सरकार के मुख्यमंत्री, मंत्री और विधायक सेवानिवृत्त कर्मचारियों की समस्याओं को गंभीरता से नहीं ले रहे हैं।
डॉ. बिंदल ने कहा कि धर्मशाला में करीब 8,000 सेवानिवृत्त कर्मचारियों ने विधानसभा का घेराव किया, जबकि प्रदेश के विभिन्न जिलों में लगातार धरने-प्रदर्शन किए जा रहे हैं। अब हजारों सेवानिवृत्त कर्मचारी शिमला पहुंचकर विधानसभा के बाहर प्रदर्शन कर रहे हैं।
उन्होंने कहा कि लाहौल-स्पीति, किन्नौर, चंबा, कांगड़ा सहित प्रदेश के दूरदराज क्षेत्रों से भी बुजुर्ग कर्मचारी अपनी मांगों को लेकर शिमला पहुंच रहे हैं, लेकिन सरकार पर इसका कोई प्रभाव दिखाई नहीं दे रहा।
पेंशन, एरियर और अन्य वित्तीय लाभ लंबित होने का आरोप
डॉ. बिंदल ने आरोप लगाया कि कांग्रेस सरकार सेवानिवृत्त कर्मचारियों की समस्याओं के समाधान के बजाय केवल बयानबाजी कर रही है। उन्होंने कहा कि वर्षों की सेवा के बाद मिलने वाले वित्तीय अधिकारों को लंबित रखना सेवानिवृत्त कर्मचारियों के साथ अन्याय है।
उन्होंने दावा किया कि सेवानिवृत्त कर्मचारियों के पेंशनरी बेनिफिट्स, 15 प्रतिशत एरियर, डीए, ग्रेच्युटी, लीव एनकैशमेंट, कम्यूटेशन और पे एरियर सहित कई वित्तीय लाभ लंबित हैं।
उन्होंने कहा कि इन देनदारियों के लगातार जमा होते जाने से प्रभावित कर्मचारियों को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है। इसके अलावा मेडिकल बिलों की रिइम्बर्समेंट को लेकर भी सेवानिवृत्त कर्मचारियों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
‘प्रदेश में करीब 1.85 लाख सेवानिवृत्त कर्मचारी’
डॉ. बिंदल ने कहा कि प्रदेश में करीब 1.85 लाख सेवानिवृत्त कर्मचारी हैं और सरकार को उनकी समस्याओं के प्रति संवेदनशील रवैया अपनाना चाहिए।
उन्होंने कहा कि जिन कर्मचारियों ने अपना पूरा सेवाकाल हिमाचल प्रदेश के विकास और जनता की सेवा में लगाया, उनके जायज वित्तीय लाभ समय पर उपलब्ध करवाना सरकार की जिम्मेदारी है।
‘सेवानिवृत्त कर्मचारी कोई उपकार नहीं मांग रहे’
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि कांग्रेस सरकार को यह समझना चाहिए कि सेवानिवृत्त कर्मचारी सरकार से कोई उपकार नहीं मांग रहे हैं, बल्कि अपनी वर्षों की सेवा के बदले मिलने वाले कानूनी और जायज अधिकार मांग रहे हैं।
उन्होंने कहा कि बुजुर्ग कर्मचारियों को बार-बार अपने अधिकारों के लिए सड़कों पर उतरने के लिए मजबूर करना सरकार की कार्यप्रणाली और प्राथमिकताओं पर गंभीर सवाल खड़े करता है।
भाजपा ने दिया अधिकार दिलाने का भरोसा
डॉ. राजीव बिंदल ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी सेवानिवृत्त कर्मचारियों के साथ कांग्रेस सरकार द्वारा किए जा रहे व्यवहार की कड़े शब्दों में निंदा करती है। उन्होंने कहा कि भाजपा सेवानिवृत्त कर्मचारियों के संघर्ष के साथ मजबूती से खड़ी है।
उन्होंने विश्वास दिलाया कि प्रदेश में भाजपा की सरकार बनने पर सेवानिवृत्त कर्मचारियों को उनके अधिकार दिलाने के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ काम किया जाएगा।





