
7 सितंबर 2026 | खबर अभी अभी | शिमला

खलग स्कूल में विशेष संवाद कार्यक्रम, उपायुक्त, एसपी, एडीएम और एसडीएम ने विद्यार्थियों को दिए सफलता, अनुशासन और नशामुक्त जीवन के मंत्र
शिमला। उपायुक्त शिमला अनुपम कश्यप ने सोमवार को राजकीय आदर्श वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला खलग में आयोजित विशेष संवाद कार्यक्रम में विद्यार्थियों से सीधा संवाद किया। उन्होंने बच्चों को जीवन में बड़े सपने देखने, मेहनत और अनुशासन को अपनाने तथा असफलताओं से घबराने के बजाय उनसे सीख लेने का संदेश दिया।
उपायुक्त ने कहा कि बच्चों की सफलता के पीछे माता-पिता, भाई-बहन, दादा-दादी और पूरा परिवार महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। उन्होंने कहा कि बच्चों को स्कूल भेजने से लेकर उनकी जरूरतों और पसंद-नापसंद का ध्यान रखने तक परिवार लगातार मेहनत और त्याग करता है। इसलिए बच्चों को अपने माता-पिता और परिवार के प्रयासों को समझना, उनका सम्मान करना और उनके प्रति कृतज्ञ रहना चाहिए।
उन्होंने कहा कि मां बच्चों के लिए भोजन तैयार करने से लेकर उनकी छोटी-बड़ी जरूरतों का ध्यान रखती है, लेकिन कई बार बच्चे उसी भोजन में कमियां निकालने लगते हैं। बच्चों को यह समझना चाहिए कि उनके सामने रखे भोजन के पीछे मां की मेहनत, समय और स्नेह जुड़ा होता है।
अपनी जिंदगी का स्टीयरिंग खुद संभालें बच्चे
उपायुक्त अनुपम कश्यप ने विद्यार्थियों से कहा कि उनकी जिंदगी का ‘स्टीयरिंग’ उनके अपने हाथ में होना चाहिए। माता-पिता, शिक्षक और मार्गदर्शक उन्हें सही दिशा दिखा सकते हैं, लेकिन जीवन की दिशा और फैसलों की जिम्मेदारी स्वयं व्यक्ति की होती है।
उन्होंने कहा कि जब बच्चों को सही और गलत की पहचान हो जाती है, तो वे किसी दूसरे व्यक्ति को अपनी जिंदगी नियंत्रित करने की अनुमति नहीं देते। अपने जीवन पर नियंत्रण बनाए रखना ही गलत रास्तों से बचने की सबसे बड़ी ताकत है।
उन्होंने विद्यार्थियों को कमजोर क्षणों में भी हिम्मत नहीं हारने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि जीवन बेहद अनमोल है और छोटी-छोटी परेशानियों को अपने ऊपर हावी नहीं होने देना चाहिए। नियमित व्यायाम, खेल, अच्छी किताबें पढ़ने और सकारात्मक गतिविधियों में ऊर्जा लगाने से जीवन में सकारात्मकता बनी रहती है।
नशे को जीवन में जगह न दें
उपायुक्त ने विद्यार्थियों को नशे से दूर रहने का आह्वान करते हुए कहा कि आज नशा समाज के सामने गंभीर चुनौती बनता जा रहा है। बच्चों को अपने जीवन में नशे के लिए कोई जगह नहीं रखनी चाहिए और ऐसे लोगों से भी दूरी बनाकर रखनी चाहिए, जो उन्हें गलत रास्ते पर ले जा सकते हैं।
उन्होंने कहा कि बच्चों को अपनी भाषा, संस्कृति और पहचान पर गर्व करना चाहिए तथा सकारात्मक सोच के साथ आगे बढ़ना चाहिए। उन्होंने विद्यार्थियों से कहा कि अपने सपने ऊंचे रखें और उन्हें पूरा करने के लिए उसी स्तर की तैयारी भी करें।
उन्होंने कहा कि जीवन में असफलताएं आना स्वाभाविक है, लेकिन असफलता जीवन का अंत नहीं होती। असफलता यह बताती है कि मेहनत और तैयारी में कहां सुधार की जरूरत है।
नशा न करने का दृढ़ संकल्प लें बच्चे : एसपी गौरव सिंह
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक गौरव सिंह ने कहा कि आज बच्चों के सामने नशा और मोबाइल दो बड़ी चुनौतियां हैं। नशे के कारण युवा गलत दिशा में जा रहे हैं, जबकि मोबाइल का अत्यधिक उपयोग बच्चों में विकर्षण और मानसिक तनाव जैसी समस्याओं को बढ़ा सकता है।
उन्होंने विद्यार्थियों से कहा कि यदि आसपास नशे या किसी गलत गतिविधि से जुड़ी कोई जानकारी मिलती है, तो उसे अपने तक सीमित न रखें। इसकी जानकारी प्राचार्य, शिक्षक या कक्षा अध्यापक को दें। जरूरत पड़ने पर संबंधित अधिकारियों को भी सूचित करें।
एसपी ने कहा कि पुलिस प्रशासन बच्चों की सुरक्षा और सहायता के लिए हमेशा तत्पर है। उन्होंने विद्यार्थियों से नशा न करने और नशे से जुड़े लोगों व स्थानों से दूरी बनाए रखने का दृढ़ संकल्प लेने का आह्वान किया।
सपने देखें और उन्हें पूरा करने के लिए मेहनत करें : ज्ञान सागर नेगी
अतिरिक्त जिला दंडाधिकारी प्रोटोकॉल ज्ञान सागर नेगी ने बच्चों से कहा कि जीवन में वे जो बनना चाहते हैं, उसके सपने जरूर देखें और उन्हें हासिल करने के लिए पूरी मेहनत करें। उन्होंने कहा कि यदि व्यक्ति सपने ही नहीं देखेगा, तो जीवन में अपने लक्ष्य और संकल्प तय करना मुश्किल होगा।
सरकारी स्कूलों में बेहतर सुविधाएं : एसडीएम मंजीत शर्मा
एसडीएम शिमला ग्रामीण मंजीत शर्मा ने कहा कि अब सरकारी स्कूलों में निजी स्कूलों की तर्ज पर बेहतर सुविधाएं उपलब्ध करवाई जा रही हैं। सरकारी स्कूलों में सीबीएसई बोर्ड की सुविधा के साथ आधारभूत ढांचा भी मजबूत हुआ है। ऐसे में विद्यार्थियों को पढ़ाई के साथ-साथ अपने सर्वांगीण विकास पर भी ध्यान देना चाहिए।
डीएसपी गुलशन नेगी ने विद्यार्थियों से कहा कि यदि उनके साथ कोई गलत होता है तो उसे सहन करने के बजाय उसका विरोध करना चाहिए और तुरंत अपने परिजनों या शिक्षकों को इसकी जानकारी देनी चाहिए। उन्होंने कहा कि गलत के खिलाफ समय पर आवाज उठाना जरूरी है, क्योंकि मौन रहने से सामने वाला उसका फायदा उठा सकता है।
स्टेट मेरिट में आने वाले विद्यार्थियों को 50 हजार रुपये
विशेष संवाद कार्यक्रम के दौरान उपायुक्त अनुपम कश्यप ने विद्यार्थियों के लिए महत्वपूर्ण प्रोत्साहन की घोषणा भी की। उन्होंने कहा कि मार्च 2027 में होने वाली दसवीं और जमा दो की वार्षिक परीक्षाओं में स्टेट मेरिट लिस्ट में स्थान हासिल करने वाले विद्यार्थियों को 50 हजार रुपये की मेधावी प्रोत्साहन राशि दी जाएगी।
इसके अलावा दोनों बोर्ड परीक्षाओं में 90 प्रतिशत से अधिक अंक हासिल करने वाले विद्यार्थियों में प्रथम स्थान प्राप्त करने वाले को 25 हजार रुपये, द्वितीय स्थान पर 20 हजार रुपये और तृतीय स्थान पर 15 हजार रुपये की प्रोत्साहन राशि दी जाएगी।
उपायुक्त ने कहा कि यह प्रोत्साहन राशि वह अपने वेतन से विद्यार्थियों को देंगे। उन्होंने बताया कि मशोबरा स्कूल के विद्यार्थियों को भी इस तरह की प्रोत्साहन राशि दी जा चुकी है।
उन्होंने स्कूल परिसर के विस्तारीकरण के लिए खंड विकास कार्यालय की ओर से 5 लाख रुपये उपलब्ध करवाने का आश्वासन दिया। साथ ही स्कूल की लाइब्रेरी के लिए प्रतियोगी परीक्षाओं से संबंधित नई पुस्तकों की खरीद के लिए बजट उपलब्ध करवाने की बात कही।
इस अवसर पर स्कूल के प्रधानाचार्य कुलभूषण शर्मा सहित स्कूल स्टाफ और बड़ी संख्या में विद्यार्थी मौजूद रहे।





