
29 सितंबर, 2026 | खबर अभी-अभी | कुल्लू

कुल्लू। सूत्रधार कला संगम कुल्लू की कार्यकारिणी बैठक संस्था अध्यक्ष दिनेश सेन की अध्यक्षता में सूत्रधार भवन स्थित कार्यालय में आयोजित हुई। बैठक में आगामी सांस्कृतिक कार्यक्रमों, संस्था की गतिविधियों और भविष्य की योजनाओं पर विस्तारपूर्वक चर्चा कर कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए। बैठक में हिमाचल प्रदेश के वरिष्ठ साहित्यकार, पहाड़ी गीतकार एवं संगीतकार के.आर. पंछी के सम्मान में आयोजित होने वाली विशेष सांस्कृतिक संध्या “एक शाम पंछी जी के नाम” को लेकर भी विस्तृत चर्चा की गई।
संस्था अध्यक्ष दिनेश सेन ने बताया कि विशेष सांस्कृतिक संध्या का आयोजन 4 अक्तूबर 2026 को देवसदन कुल्लू के सभागार में शाम 6:30 बजे से रात 10:00 बजे तक किया जाएगा। कार्यक्रम में प्रदेश के वरिष्ठ एवं युवा कलाकार संगीत की विशेष प्रस्तुतियां देंगे। कार्यक्रम सभी कला एवं संस्कृति प्रेमियों के लिए निःशुल्क रहेगा।
उन्होंने बताया कि कार्यक्रम में सूत्रधार कला संगम संगीत अकादमी के प्राचार्य पं. विद्या सागर के साथ वरिष्ठ कलाकार निशांत गौतम, अमित महंत, विजय, लाल सिंह, जीवन बुडाल, टविंकल, अर्पिता ठाकुर, संजय पुजारी और अनुष्का अपनी प्रस्तुतियां देंगे। इसके अलावा संगीत सदन मंडी के संगीत गुरु उमेश भारद्वाज के शिष्यों द्वारा भी विशेष सांगीतिक प्रस्तुतियां दी जाएंगी। कार्यक्रम का मंच संचालन संस्था के प्रचार-प्रसार प्रभारी सुंदर श्याम करेंगे।
कार्यक्रम के लिए विशेष उपसमिति गठित
“एक शाम पंछी जी के नाम” के सफल आयोजन के लिए संस्था ने विशेष उपसमिति का गठन किया है। उपाध्यक्ष कंवर वीरेंद्र सिंह को कार्यक्रम प्रभारी नियुक्त किया गया है। उपसमिति में महासचिव अतुल गुप्ता, वित्त सचिव जोंगेंद्र ठाकुर, भंडार प्रभारी तिलक राज चौधरी और कार्यकारिणी सदस्य सुबोध सूद को शामिल किया गया है।
लोक संस्कृति और पहाड़ी संगीत को समर्पित रहा के.आर. पंछी का जीवन
के.आर. पंछी हिमाचल प्रदेश के प्रतिष्ठित एवं वरिष्ठ पहाड़ी गीतकार, संगीतकार और साहित्यकार हैं। उन्होंने प्रदेश की लोक संस्कृति, पहाड़ी भाषा और संगीत की समृद्ध परंपरा को आगे बढ़ाने में लंबे समय तक महत्वपूर्ण योगदान दिया है। मार्च 2026 में उन्होंने अपने जीवन के 90 वर्ष पूरे किए हैं।
सूत्रधार कला संगम की ओर से बताया गया कि उनके बहुआयामी रचनात्मक एवं सांस्कृतिक योगदान को सम्मान देने और उनकी सांस्कृतिक विरासत तथा रचनाधर्मिता को नई पीढ़ी तक पहुंचाने के उद्देश्य से इस विशेष सांस्कृतिक संध्या का आयोजन किया जा रहा है। कार्यक्रम के दौरान संस्था की ओर से के.आर. पंछी को उनके दीर्घकालीन सांस्कृतिक एवं रचनात्मक योगदान के लिए विशेष सम्मान से नवाजा जाएगा।
कुल्लू दशहरा में शास्त्रीय नृत्य की प्रस्तुति
बैठक में आगामी कुल्लू दशहरा के दौरान आयोजित होने वाली सांस्कृतिक संध्या में सूत्रधार कला संगम की सहभागिता को लेकर भी चर्चा की गई। इस दौरान संस्था के कलाकारों द्वारा शास्त्रीय नृत्य की विशेष प्रस्तुति देने का निर्णय लिया गया।
लोक गीत “रुमे गै झुरिये रुमे” का विमोचन
बैठक के उपरांत के.आर. पंछी के संगीत निर्देशन एवं रचनात्मक सहयोग से तैयार लोक गीत “रुमे गै झुरिये रुमे” का विमोचन भी किया गया। लोक गीत को गायक जीवन बुडाल ठाकुर ने आवाज दी है, जबकि शालू शर्मा और कशिश ठाकुर ने इसमें प्रस्तुतियां दी हैं। गीत का संगीत विजय ने दिया है, जबकि गीत एवं कम्पोजिशन के.आर. पंछी की है।
गीत के विमोचन के अवसर पर संस्था के पदाधिकारियों एवं सदस्यों ने पूरी टीम को शुभकामनाएं दीं और उम्मीद जताई कि यह लोक रचना हिमाचल की समृद्ध लोक-सांस्कृतिक परंपरा को जन-जन तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।
बैठक में संस्था उपाध्यक्ष कंवर वीरेंद्र सिंह, महासचिव अतुल गुप्ता, वित्त सचिव जोंगेंद्र ठाकुर, भंडार प्रभारी तिलक राज चौधरी, सचिव यशोदा शर्मा, प्रचार-प्रसार प्रभारी सुंदर श्याम, सहप्रभारी धर्मेन्द्र शर्मा, कार्यकारिणी सदस्य सुबोध सूद, संगीत अकादमी के प्राचार्य पं. विद्या सागर, आमंत्रित सदस्य जीवन बुडाल और संजय पुजारी तथा प्रबंधक उत्तम चंद उपस्थित रहे।





