हिमाचल में लॉन्च हुआ ‘पांगी एप्पल’ ब्रांड, किसानों को सेब के कार्टन पर मिलेगा 50% अनुदान

24 अक्टूबर, 2026 | खबर अभी-अभी | शिमला

पांगी घाटी के सेबों को मिलेगी अलग पहचान, 370 हेक्टेयर भूमि पर लगे हैं एक लाख से अधिक पौधे; इस सीजन में 550 मीट्रिक टन उत्पादन की उम्मीद

हिमाचल प्रदेश की पांगी घाटी में प्राकृतिक खेती से उत्पादित सेबों को अब अपनी अलग पहचान मिलेगी। मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू ने शनिवार को ‘पांगी एप्पल’ ब्रांड लॉन्च किया। इसके तहत किसानों को 10 और 20 किलोग्राम क्षमता वाले विशेष सेब कार्टन 50 प्रतिशत अनुदान पर उपलब्ध करवाए जा रहे हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने के लिए लगातार प्रयास कर रही है। ‘पांगी एप्पल’ ब्रांड से क्षेत्र में उत्पादित सेबों को बाजार में विशिष्ट पहचान मिलेगी और स्थानीय उत्पादों के लिए अलग बाजार विकसित करने में मदद मिलेगी।

पांगी बना प्रदेश का पहला प्राकृतिक खेती उपमंडल

मुख्यमंत्री ने कहा कि पांगी उपमंडल को प्रदेश का पहला प्राकृतिक खेती उपमंडल घोषित किया गया है। इस पहल का उद्देश्य स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूत करने के साथ दूरदराज के जनजातीय क्षेत्र में आर्थिक अवसर बढ़ाना और लोगों के जीवन स्तर में सुधार लाना है।

उन्होंने बताया कि पांगी में करीब 370 हेक्टेयर भूमि पर सेब के एक लाख चार हजार से अधिक पौधे लगाए गए हैं। चालू सीजन में लगभग 550 मीट्रिक टन सेब उत्पादन होने की उम्मीद है, जो करीब 35 हजार पेटियों के बराबर है।

दूसरे ब्रांड के कार्टन में बिकते थे पांगी के सेब

मुख्यमंत्री ने कहा कि पहले पांगी में उत्पादित सेबों को घाटी से बाहर भेजते समय अक्सर ‘कुल्लू एप्पल’ या ‘किन्नौर एप्पल’ के नाम से ब्रांडिंग किए गए कार्टन में बेचा जाता था। इससे पांगी के सेबों की अपनी अलग पहचान स्थापित नहीं हो पाती थी।

इस समस्या के समाधान के लिए ‘पांगी एप्पल’ नाम से 10 और 20 किलोग्राम क्षमता वाले विशेष कार्टन तैयार किए गए हैं। किसानों को इन कार्टन पर 50 प्रतिशत अनुदान दिया जा रहा है। इससे पांगी के सेबों की बाजार में पहचान मजबूत करने और उनकी मांग बढ़ाने में मदद मिलने की उम्मीद है।

6,300 कृषक परिवारों को मिलेगा लाभ

मुख्यमंत्री ने कहा कि पांगी को प्राकृतिक खेती के माध्यम से प्रदेश का पहला रसायन-मुक्त उपमंडल बनाने की परिकल्पना में यह पहल महत्वपूर्ण है। इससे क्षेत्र के लगभग 6,300 कृषक परिवारों की आजीविका को मजबूती मिलेगी।

उन्होंने कहा कि स्थानीय उत्पादों की ब्रांडिंग से उद्यमिता को प्रोत्साहन मिलेगा और क्षेत्र के किसानों के लिए आर्थिक उन्नति के नए अवसर खुलेंगे।

कार्यक्रम में राजस्व मंत्री जगत सिंह नेगी, राज्य योजना बोर्ड के उपाध्यक्ष भवानी सिंह पठानिया, उपमुख्य सचेतक केवल सिंह पठानिया, आवासीय आयुक्त अमनदीप सिंह सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।

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