
शिमला में मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में आयोजित कैबिनेट बैठक में आज कई अहम फैसलों पर मुहर लगी, जिनका सीधा असर प्रदेश के युवाओं, किसानों और स्वास्थ्य सेवाओं पर पड़ेगा। बैठक के बाद सरकार ने विभिन्न विभागों में 1550 पदों को भरने की मंजूरी दी है, जिससे रोजगार के नए अवसर खुलने की उम्मीद है।
सबसे बड़ा निर्णय पुलिस विभाग को लेकर लिया गया, जहां 1000 पुलिस जवानों की भर्ती को मंजूरी दी गई है। खास बात यह है कि इनमें 30 प्रतिशत पद महिलाओं के लिए आरक्षित होंगे, जिससे महिला सशक्तिकरण को भी बढ़ावा मिलेगा। इसके साथ ही अग्निशमन विभाग में असिस्टेंट फायर गार्ड के 500 पद भरने का फैसला लिया गया है, जबकि होम स्टे संचालकों को फायर विभाग की NOC से राहत देने का निर्णय पर्यटन को बढ़ावा देने की दिशा में अहम माना जा रहा है।
स्वास्थ्य क्षेत्र को मजबूत करने के लिए कैबिनेट ने बड़ा कदम उठाते हुए टांडा मेडिकल कॉलेज और IGMC शिमला को छोड़कर अन्य चार मेडिकल कॉलेजों में सेवानिवृत्त मेडिकल प्रोफेसरों की नियुक्ति का निर्णय लिया है। इन विशेषज्ञों को ढाई लाख रुपए तक वेतन दिया जाएगा, जबकि रेडियोलॉजी विभाग में सेवाएं देने वालों को तीन लाख रुपए तक भुगतान किया जाएगा, जिससे विशेषज्ञ डॉक्टरों की कमी दूर करने में मदद मिलेगी।
किसानों के हित में भी कैबिनेट ने कई महत्वपूर्ण फैसले लिए हैं। ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने के उद्देश्य से फसलों के न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) में बढ़ोतरी की गई है। गेहूं, मक्का और जौ के दाम बढ़ाए गए हैं, वहीं हल्दी के MSP में बड़ी छलांग लगाते हुए इसे 90 से बढ़ाकर 150 रुपए किया गया है। इसके अलावा अदरक को भी 30 रुपए प्रति किलो MSP पर खरीदने का निर्णय लिया गया है, जिससे किसानों को सीधा लाभ मिलेगा।
इसके अलावा कैबिनेट ने न्यायिक व्यवस्था से जुड़े फैसले भी लिए हैं। न्यायाधीशों के लिए चार इनोवा गाड़ियों की खरीद को मंजूरी दी गई है। वहीं प्रशासनिक कार्यों को सुचारू बनाए रखने के लिए सेवानिवृत्त नायब तहसीलदार, कानूनगो और पटवारियों की पुनर्नियुक्ति को भी हरी झंडी दी गई है।
कुल मिलाकर, कैबिनेट के इन फैसलों को रोजगार सृजन, स्वास्थ्य सेवाओं के सुदृढ़ीकरण और किसानों की आय बढ़ाने की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है।





