थुनाग महाविद्यालय के 17 विद्यार्थियों ने जैव विविधता पर राष्ट्रीय कार्यशाला में लिया भाग

12 अक्टूबर, 2026 | खबर अभी-अभी | मंडी

डॉ. यशवंत सिंह परमार औद्यानिकी एवं वानिकी विश्वविद्यालय के औद्यानिकी एवं वानिकी महाविद्यालय, थुनाग के 17 विद्यार्थियों ने जैव विविधता पर आयोजित राष्ट्रीय स्तर की कार्यशाला में भाग लिया। यह तीन दिवसीय कार्यशाला 7 से 9 अक्टूबर, 2026 तक राजकीय महाविद्यालय कुल्लू में आयोजित की गई।

डॉ. सुनील मारपा के नेतृत्व में विद्यार्थियों ने “सतत पर्यावरण के लिए जैव विविधता” विषय पर आयोजित इस कार्यशाला में हिस्सा लिया। इसका आयोजन राजकीय महाविद्यालय कुल्लू के वनस्पति विज्ञान विभाग ने भारतीय विज्ञान अकादमियों के प्रायोजन में किया।

कार्यशाला में विभिन्न प्रतिष्ठित संस्थानों से आए वैज्ञानिकों और विशेषज्ञों ने 13 व्याख्यान प्रस्तुत किए। इनमें भारतीय हिमालय की जैव विविधता, कृषि-जैव विविधता, पारंपरिक पहाड़ी फसलें, पारिस्थितिकी पुनर्स्थापन, पर्यावरणीय कानून और प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण जैसे विषयों पर जानकारी दी गई।

डॉ. सुनील मारपा ने बताया कि हिमालयी क्षेत्रों में पारंपरिक फसलों, स्थानीय फल प्रजातियों, औषधीय पौधों और आनुवंशिक संसाधनों का संरक्षण कृषि की उत्पादकता तथा खाद्य एवं पोषण सुरक्षा के लिए महत्वपूर्ण है। उन्होंने जलवायु परिवर्तन के अनुकूल खेती और स्थानीय पौधों की प्रजातियों के संरक्षण की आवश्यकता पर भी जोर दिया।

उन्होंने कहा कि कार्यशाला से विद्यार्थियों को जलवायु-अनुकूल कृषि, पादप संसाधनों के वैज्ञानिक प्रबंधन, अनुसंधान और पर्यावरण संरक्षण के क्षेत्र में उपयोगी जानकारी मिली। इससे उन्हें अपने सैद्धांतिक ज्ञान को व्यावहारिक और अनुसंधानपरक दृष्टिकोण से जोड़ने का अवसर भी मिला।

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