प्रसूता मौत मामला: पति ने एसपी को दी शिकायत, डॉक्टरों और स्टाफ पर लापरवाही व एफआईआर दर्ज करने की मांग; अमन सूद बोले— पीड़ित परिवार को मिले न्याय

खबर अभी अभी
कुल्लू।
क्षेत्रीय अस्पताल कुल्लू में प्रसूता मंजू शर्मा (रजनी देवी) की मृत्यु के मामले में नया मोड़ आ गया है। मृतका के पति सतीश शर्मा, निवासी सुनारू (बालीचौकी, जिला मंडी), ने पुलिस अधीक्षक कुल्लू को विस्तृत शिकायत सौंपकर चिकित्सकों एवं संबंधित स्टाफ के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने और निष्पक्ष जांच की मांग की है।
शिकायत में सतीश शर्मा ने आरोप लगाया है कि गर्भावस्था के दौरान उनकी पत्नी का नियमित उपचार क्षेत्रीय अस्पताल कुल्लू में होता रहा। उन्होंने कहा कि 19 जून को जांच के दौरान डॉक्टर ने उच्च रक्तचाप (बीपी) बताते हुए ऑपरेशन से प्रसव की बात कही, लेकिन उसी दिन ऑपरेशन नहीं किया गया। शिकायत के अनुसार, रातभर बीपी लगातार अधिक रहने के बावजूद पर्याप्त चिकित्सकीय प्रबंधन नहीं किया गया।
शिकायत में यह भी आरोप लगाया गया है कि 20 जून को ऑपरेशन के बाद मां और नवजात की स्थिति सामान्य बताई गई, लेकिन 21 जून की सुबह प्रसूता की तबीयत अचानक बिगड़ने लगी। पति का आरोप है कि उस समय ड्यूटी पर मौजूद कुछ स्टाफ नर्सों ने समय पर गंभीरता नहीं दिखाई और शिफ्ट परिवर्तन का हवाला देकर उपचार में देरी हुई। इसके बाद महिला की हालत लगातार बिगड़ती गई और बाद में उसकी मृत्यु हो गई।
पीड़ित परिवार ने अपनी शिकायत में संबंधित चिकित्सकों और स्टाफ के खिलाफ कथित चिकित्सकीय लापरवाही, दुर्व्यवहार तथा उचित कानूनी धाराओं के तहत एफआईआर दर्ज कर निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है।
उधर, भाजपा नेता अमन सूद ने भी मामले में पीड़ित परिवार का समर्थन करते हुए कहा कि यदि जांच में किसी भी स्तर पर चिकित्सकीय लापरवाही सामने आती है तो दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि पीड़ित परिवार को न्याय मिलना चाहिए और पूरे मामले की पारदर्शी जांच होनी आवश्यक है।
गौरतलब है कि इस मामले में पहले ही संबंधित चिकित्सक के निलंबन की कार्रवाई हो चुकी है और विभागीय जांच जारी है। अब पीड़ित परिवार की पुलिस शिकायत के बाद मामले में आपराधिक जांच की मांग भी तेज हो गई है। पुलिस का कहना है कि शिकायत के सभी बिंदुओं की विधिसम्मत जांच की जाएगी और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

Share the news