
17 अगस्त 2026 | खबर अभी-अभी
कुल्लू

कसोल और आसपास के क्षेत्रों में कचरा प्रबंधन एवं स्वच्छता व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए प्रशासन ने प्रयास तेज कर दिए हैं। अतिरिक्त जिला दंडाधिकारी (ADM) कुल्लू सुरजीत सिंह राठौर ने सोमवार को कसोल स्थित मटेरियल रिकवरी फैसिलिटी (MRF) प्लांट के प्रभावी संचालन को लेकर समीक्षा बैठक की अध्यक्षता की। बैठक में क्षेत्र की स्वच्छता व्यवस्था को सुदृढ़ करने और कचरा प्रबंधन को अधिक प्रभावी बनाने के लिए संबंधित विभागों को कई महत्वपूर्ण दिशा-निर्देश जारी किए गए।
एडीएम ने विशेष क्षेत्र विकास प्राधिकरण (SADA) को और अधिक मजबूत करने पर जोर दिया, ताकि कसोल और आसपास के पर्यटन क्षेत्रों में स्वच्छता गतिविधियों का नियमित और सुचारू संचालन सुनिश्चित किया जा सके।
डोर-टू-डोर कचरा संग्रहण नियमित करने के निर्देश
समीक्षा बैठक में ग्रामीण विकास विभाग को डोर-टू-डोर कचरा संग्रहण व्यवस्था को नियमित करने के निर्देश दिए गए। प्रशासन के अनुसार वर्तमान व्यवस्था के तहत मणिकर्ण क्षेत्र से प्रतिदिन तथा कसोल से एक दिन छोड़कर गीले और सूखे कचरे को अलग-अलग एकत्रित किया जा रहा है।
एडीएम ने कचरे के स्रोत पर ही पृथक्करण को प्रभावी बनाने और संग्रहण व्यवस्था में किसी तरह की अनियमितता न होने देने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि पर्यटन क्षेत्र होने के कारण कसोल और आसपास के इलाकों में स्वच्छता व्यवस्था पर विशेष ध्यान देना जरूरी है।
बल्क वेस्ट जनरेटरों से लिया जाएगा शुल्क
बैठक में क्षेत्र में स्वच्छता शुल्क व्यवस्था को सुव्यवस्थित करने पर भी चर्चा हुई। इसके तहत बड़े स्तर पर कचरा उत्पन्न करने वाले बल्क वेस्ट जनरेटरों, जिनमें होटल और अन्य व्यावसायिक प्रतिष्ठान शामिल हैं, को चिन्हित किया जाएगा।
प्रशासन की ओर से ऐसे प्रतिष्ठानों से नियमानुसार स्वच्छता शुल्क लेने की व्यवस्था को प्रभावी बनाने के निर्देश दिए गए हैं। इसका उद्देश्य कचरा प्रबंधन व्यवस्था के लिए आवश्यक संसाधन जुटाने के साथ-साथ बड़े कचरा उत्पादकों की जिम्मेदारी सुनिश्चित करना है।
MRF प्लांट की पहुंच सड़क दुरुस्त करने के निर्देश
एडीएम सुरजीत सिंह राठौर ने ग्रामीण विकास विभाग को कसोल MRF प्लांट तक पहुंचने वाली सड़क की बेहतर व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए संबंधित ठेकेदार से तत्काल बातचीत करने के निर्देश दिए।
उन्होंने प्लांट परिसर में अतिरिक्त बिजली मीटर लगाने, शौचालय निर्माण और आवश्यक प्लेटफॉर्म तैयार करने के लिए जल्द एस्टीमेट तैयार करने को कहा, ताकि लंबित कार्यों को निर्धारित प्रक्रिया के तहत शीघ्र पूरा किया जा सके।
‘हीलिंग हिमालयाज’ समेत हितधारकों से समन्वय पर जोर
एडीएम ने गैर-सरकारी संस्था ‘हीलिंग हिमालयाज’ के प्रदीप बोध सहित अन्य संबंधित हितधारकों के साथ बेहतर समन्वय स्थापित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि MRF प्लांट और क्षेत्र की स्वच्छता व्यवस्था से जुड़े सभी लंबित कार्यों को निर्धारित समय-सीमा के भीतर पूरा किया जाना चाहिए।
उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि कचरा प्रबंधन से जुड़े कार्यों में आपसी समन्वय बनाए रखते हुए यह सुनिश्चित किया जाए कि कसोल और आसपास के क्षेत्रों में स्वच्छता व्यवस्था प्रभावी रूप से संचालित हो।
बैठक में जिला योजनाकार घनश्याम शर्मा, जिला पंचायत अधिकारी दया राम ठाकुर सहित संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।
प्रशासन का कहना है कि कसोल जैसे प्रमुख पर्यटन क्षेत्र में बेहतर कचरा प्रबंधन व्यवस्था न केवल स्थानीय पर्यावरण की सुरक्षा के लिए जरूरी है, बल्कि क्षेत्र में आने वाले पर्यटकों और स्थानीय निवासियों को स्वच्छ एवं बेहतर वातावरण उपलब्ध कराने के लिए भी महत्वपूर्ण है।





