
शिमला, 13 अगस्त 2026
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हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय (HPU) में फीस वृद्धि के विरोध में अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) का आंदोलन बुधवार को भी जारी रहा। परिषद की विश्वविद्यालय इकाई ने पुस्तकालय के बाहर सामूहिक शव प्रदर्शन कर फीस बढ़ोतरी वापस लेने, झारखंड में आंदोलनरत छात्रों पर लाठीचार्ज की निंदा करने और छात्र संघ चुनाव बहाल करने की मांग उठाई।
ABVP इकाई अध्यक्ष अक्षय ठाकुर ने कहा कि फीस वृद्धि के खिलाफ संगठन पिछले 10 दिनों से क्रमिक भूख हड़ताल कर रहा है। उनके मुताबिक, 28 मार्च को फीस बढ़ाने का फैसला लिए जाने के अगले दिन से ही परिषद ने ज्ञापन, घेराव और धरना-प्रदर्शन के जरिए इसका विरोध शुरू कर दिया था। हालांकि, उनका आरोप है कि विश्वविद्यालय प्रशासन की ओर से अब तक मांगों पर कोई सकारात्मक पहल नहीं की गई है।
कई पाठ्यक्रमों की फीस में बड़ी बढ़ोतरी का आरोप
अक्षय ठाकुर ने दावा किया कि विश्वविद्यालय के कई पाठ्यक्रमों में फीस 25 से 27 प्रतिशत, कुछ पाठ्यक्रमों में 147 प्रतिशत तक बढ़ाई गई है। उन्होंने प्रशासनिक कार्यों से संबंधित फीस में 100 से 150 प्रतिशत तक बढ़ोतरी का भी आरोप लगाया।
उन्होंने कहा कि छात्रावास और बस किराए में भी वृद्धि की गई है। ABVP का कहना है कि विश्वविद्यालय में पहले से ही पर्याप्त छात्रावास और परिवहन सुविधाएं उपलब्ध नहीं हैं। ऐसे में फीस और अन्य शुल्कों में बढ़ोतरी से छात्रों और उनके परिवारों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ेगा।
झारखंड में छात्रों पर लाठीचार्ज की निंदा
ABVP ने झारखंड में पेपर लीक के खिलाफ आंदोलन कर रहे छात्रों पर कथित लाठीचार्ज का भी विरोध किया। परिषद ने कहा कि शांतिपूर्ण तरीके से अपनी मांगें रखने वाले छात्रों पर बल प्रयोग लोकतांत्रिक अधिकारों का उल्लंघन है।
छात्र संघ चुनाव बहाल करने की मांग
अक्षय ठाकुर ने विश्वविद्यालय में छात्र संघ चुनाव जल्द बहाल करने की मांग की। उन्होंने कहा कि चुनाव के जरिए छात्रों को अपना प्रतिनिधि चुनने का लोकतांत्रिक अधिकार मिलता है और निर्वाचित प्रतिनिधि विश्वविद्यालय प्रशासन के सामने छात्र हितों से जुड़े मुद्दे प्रभावी ढंग से उठा सकते हैं।
भूख हड़ताल जारी रखने का ऐलान
परिषद के अनुसार, क्रमिक भूख हड़ताल के नौवें दिन कार्यकर्ता रितेश भागटा और रिया ने हड़ताल समाप्त की, जबकि 10वें दिन दिव्यांशु कश्यप और रवीना ने भूख हड़ताल जारी रखी।
ABVP ने फीस वृद्धि वापस लेने के साथ-साथ कई अन्य मांगें भी रखी हैं। इनमें रनिंग सेमेस्टर की फीस में बढ़ोतरी नहीं करना, नॉन-सब्सिडाइज्ड सीटों की फीस बढ़ाने के बजाय सीटों की संख्या बढ़ाना और सब्सिडाइज्ड सीटों की फीस में अधिकतम 5 प्रतिशत वृद्धि शामिल है। परिषद ने परीक्षा और RME जैसे प्रशासनिक कार्यों की फीस में अधिकतम 8 प्रतिशत बढ़ोतरी की मांग की है।
इसके अलावा, ABVP ने कहा है कि जिन छात्रों ने बढ़ी हुई फीस पहले ही जमा कर दी है, उन्हें अतिरिक्त राशि वापस की जाए या उसे अगले सेमेस्टर की फीस में समायोजित किया जाए।
मांगें पूरी होने तक आंदोलन जारी रखने की चेतावनी
ABVP ने कहा है कि जब तक फीस वृद्धि से जुड़ी मांगों पर कार्रवाई नहीं होती, तब तक क्रमिक भूख हड़ताल जारी रहेगी। परिषद ने चेतावनी दी है कि यदि विश्वविद्यालय प्रशासन ने मांगों पर कार्रवाई नहीं की तो आंदोलन को और व्यापक किया जाएगा।






