
08 अक्टूबर 2026 | खबर अभी-अभी | मंडी।

लाल बहादुर शास्त्री आयुर्विज्ञान महाविद्यालय मंडी स्थित नैरचौक के माइक्रोबायोलॉजी विभाग द्वारा 7 और 8 अक्टूबर को दो दिवसीय सघन मलेरिया माइक्रोस्कोपी रिफ्रेशर प्रशिक्षण शिविर का आयोजन किया गया। राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (एनएचएम) के सहयोग से आयोजित इस प्रशिक्षण का उद्देश्य स्वास्थ्य कर्मियों के तकनीकी कौशल को बढ़ाना और मलेरिया के सटीक निदान को सुनिश्चित करना रहा।
प्रशिक्षण में हिमाचल प्रदेश के सभी जिलों से आए 36 प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया। प्रतिभागियों को मलेरिया माइक्रोस्कोपी के विभिन्न पहलुओं पर सैद्धांतिक एवं व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया गया।
प्रशिक्षण शिविर का उद्घाटन और समापन प्राचार्य डॉ. राजेश कुमार ने किया। उन्होंने कहा कि सटीक निदान प्रभावी उपचार की नींव है और मलेरिया उन्मूलन के राष्ट्रीय लक्ष्य को हासिल करने में इसकी महत्वपूर्ण भूमिका है।
प्रशिक्षण के दौरान प्रयोगशाला स्तर पर मलेरिया परजीवियों की पहचान में सटीकता बढ़ाने के साथ-साथ मरीजों को समय पर और सही उपचार उपलब्ध करवाने पर जोर दिया गया। प्रशिक्षुओं को बायो-वेस्ट मैनेजमेंट के संबंध में भी जानकारी दी गई।
शिविर में डॉ. रमेश गुलेरिया, डॉ. लता चंदेल, डॉ. राजेंद्र सिंह, डॉ. अनीता कुमारी, डॉ. स्वाती शर्मा, भानु प्रिया और तेनज़िन ने प्रशिक्षक के रूप में अपनी भूमिका निभाई।





