
खबर अभी-अभी | 20 अगस्त 2026 | मनाली

पूर्व शिक्षा मंत्री एवं वरिष्ठ भाजपा नेता गोविंद सिंह ठाकुर ने राजकीय महाविद्यालय हरिपुर की लगातार बिगड़ती स्थिति पर चिंता जताते हुए प्रदेश सरकार से संस्थान को मजबूत करने के लिए तत्काल प्रभावी कदम उठाने की मांग की है।
मनाली में जारी बयान में गोविंद सिंह ठाकुर ने कहा कि भाजपा सरकार के कार्यकाल में राजकीय महाविद्यालय हरिपुर में 1,200 से अधिक विद्यार्थी अध्ययनरत थे, लेकिन वर्तमान में यह संख्या घटकर करीब 600 रह गई है। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों की संख्या में इतनी बड़ी गिरावट महज एक आंकड़ा नहीं, बल्कि क्षेत्र की शिक्षा व्यवस्था और महाविद्यालय के प्रति सरकार की कथित उदासीनता को दर्शाती है।
उन्होंने प्रदेश सरकार से सवाल किया कि आखिर ऐसी क्या वजह है कि बड़ी संख्या में विद्यार्थी महाविद्यालय से दूर हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि सरकार को इस स्थिति का गंभीरता से आकलन कर आवश्यक सुधारात्मक कदम उठाने चाहिए।
नए विषय शुरू न होने पर भी उठाए सवाल
पूर्व शिक्षा मंत्री ने आरोप लगाया कि महाविद्यालय में विद्यार्थियों की जरूरत और क्षेत्र की मांग के अनुरूप नए विषय शुरू करने की दिशा में वर्तमान सरकार की ओर से कोई उल्लेखनीय पहल नहीं की गई है। उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार के कार्यकाल में विद्यार्थियों की मांग को ध्यान में रखते हुए कई नए विषय शुरू किए गए थे, जिससे स्थानीय युवाओं को अपने क्षेत्र में ही उच्च शिक्षा के बेहतर अवसर मिले।
गोविंद सिंह ठाकुर ने कहा कि वर्तमान स्थिति चिंताजनक है और महाविद्यालय में तालाबंदी जैसी स्थिति पैदा होना गंभीर विषय है। उन्होंने सरकार से स्पष्ट करने की मांग की कि कहीं उसकी नीतियों के कारण महाविद्यालय को धीरे-धीरे कमजोर तो नहीं किया जा रहा।
परिवहन व्यवस्था को बताया छात्र संख्या में गिरावट का कारण
गोविंद सिंह ठाकुर ने महाविद्यालय में विद्यार्थियों की संख्या कम होने के पीछे परिवहन व्यवस्था के प्रभावित होने को भी एक प्रमुख कारण बताया। उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार के समय विद्यार्थियों और आम जनता की सुविधा के लिए लेफ्ट बैंक क्षेत्र में एचआरटीसी बस सेवाएं शुरू की गई थीं, लेकिन वर्तमान में ये सेवाएं बंद हैं।
उन्होंने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों से आने वाले विद्यार्थियों के लिए यदि नियमित सार्वजनिक परिवहन की सुविधा उपलब्ध नहीं होगी, तो उनके लिए महाविद्यालय तक पहुंचना मुश्किल होना स्वाभाविक है। उन्होंने सरकार से बंद बस सेवाओं को जल्द बहाल करने की मांग की।
महाविद्यालय को मजबूत करने की मांग
पूर्व शिक्षा मंत्री ने कहा कि भाजपा सरकार के समय हरिपुर महाविद्यालय को मजबूत करने और विद्यार्थियों को बेहतर शैक्षणिक सुविधाएं उपलब्ध करवाने के लिए प्रयास किए गए थे। उन्होंने कहा कि छात्र संख्या का 1,200 से अधिक से घटकर करीब 600 रह जाना सरकार के लिए गंभीर आत्ममंथन का विषय है।
उन्होंने प्रदेश सरकार से मांग की कि राजकीय महाविद्यालय हरिपुर को कमजोर करने या बंद करने के बजाय इसे और अधिक सुदृढ़ किया जाए। इसके लिए
रोजगारपरक एवं विद्यार्थियों की मांग के अनुरूप नए विषय शुरू करने,
रिक्त पदों को भरने और
बंद एचआरटीसी बस सेवाओं को बहाल करने सहित आवश्यक कदम उठाए जाएं।





