
2 सितंबर 2026 | खबर अभी अभी | शिमला

हिमाचल प्रदेश विधानसभा के मॉनसून सत्र के आठवें दिन सदन की कार्यवाही शुरू होने से पहले विपक्ष ने सरकार के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन किया। नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर की अगुवाई में भाजपा विधायकों ने प्रदेश में लॉटरी शुरू करने और भांग की खेती को वैध बनाने के फैसले के विरोध में नारेबाजी की और धरना दिया।
लॉटरी के फैसले पर सरकार को घेरा
जयराम ठाकुर ने आरोप लगाया कि हिमाचल को देवभूमि इसलिए कहा जाता है क्योंकि यहां के लोग गलत कुरीतियों और बुरी आदतों से दूर रहते हैं। उन्होंने कहा कि प्रदेश पहले ही आर्थिक चुनौतियों से जूझ रहा है और सरकार संसाधन जुटाने के लिए लगातार टैक्स लगा रही है, ऐसे में लॉटरी शुरू करने का फैसला समझ से परे है।
उन्होंने कहा कि प्रदेश में नशे का कारोबार गंभीर समस्या बन चुका है और ऐसे समय में लॉटरी शुरू करना लोगों के लिए एक नई लत को बढ़ावा देने जैसा है। जयराम ठाकुर ने दावा किया कि अतीत में लॉटरी की वजह से कई परिवार आर्थिक संकट में पहुंचे और कुछ लोगों ने आत्महत्या तक की। उन्होंने सरकार से लॉटरी का फैसला तत्काल वापस लेने की मांग की।
रोजगार के मुद्दे पर भी सरकार पर निशाना
नेता प्रतिपक्ष ने रोजगार के मुद्दे पर भी सरकार को घेरा। उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने सत्ता में आने से पहले पहली कैबिनेट बैठक में एक लाख नौकरियां देने और पांच साल में पांच लाख रोजगार उपलब्ध करवाने का वादा किया था। जयराम ठाकुर के अनुसार, सरकार के कार्यकाल के लगभग चार वर्ष पूरे होने के बावजूद रोजगार के मोर्चे पर स्थिति संतोषजनक नहीं है।
उन्होंने दावा किया कि भाजपा सरकार के समय प्रदेश में सरकारी कर्मचारियों की संख्या करीब 1.91 लाख थी, जो अब घटकर लगभग 1.72 लाख रह गई है। उन्होंने आरोप लगाया कि इससे सरकार के रोजगार और सरकारी भर्ती संबंधी दावों पर सवाल खड़े होते हैं।
कर्मचारियों और ओपीएस को लेकर भी सवाल
जयराम ठाकुर ने कर्मचारियों के मुद्दे पर भी सरकार को घेरा। उन्होंने कहा कि कर्मचारी लगातार अपनी मांगों को लेकर धरने और प्रदर्शन कर रहे हैं तथा ओपीएस से जुड़े मामलों में भी कई कर्मचारी अभी तक वंचित हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदेश में कर्मचारी वर्ग सरकार के कामकाज से संतुष्ट नहीं है।
भांग की खेती को वैध करने के फैसले पर सवाल
विपक्ष ने भांग की खेती को वैध करने के सरकार के फैसले पर भी सवाल उठाए। जयराम ठाकुर ने कहा कि इस संबंध में गठित कमेटी का उद्देश्य स्थिति का अध्ययन करना था और भाजपा विधायकों की ओर से कोई ठोस सिफारिश नहीं दी गई थी। इसके बावजूद सरकार ने भांग की खेती को वैध करने का निर्णय लिया है।
उन्होंने कहा कि सरकार को यह स्पष्ट करना चाहिए कि इस फैसले के दूरगामी परिणाम क्या होंगे। विपक्ष ने लॉटरी और भांग की खेती से जुड़े फैसलों को लेकर सरकार से पुनर्विचार करने की मांग की।





