
6 नवंबर, 2026 | खबर अभी-अभी | शिमला

स्टूडेंट्स फेडरेशन ऑफ इंडिया (SFI) हिमाचल प्रदेश राज्य कमेटी का 23वां राज्य सम्मेलन 20 से 22 नवंबर तक शिमला में आयोजित किया जाएगा। सम्मेलन की तैयारियों को लेकर गुरुवार को स्वागत समिति का गठन किया गया। इसमें SFI हिमाचल प्रदेश के प्रथम राज्य अध्यक्ष रहे कॉमरेड घनश्याम चौहान को समिति का अध्यक्ष और राज्य सचिव कॉमरेड सनी सेकटा को सचिव चुना गया।
SFI के अनुसार, सम्मेलन में प्रदेश की शिक्षा व्यवस्था से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर चर्चा की जाएगी। संगठन ने आरोप लगाया कि नवउदारवादी नीतियों के चलते शिक्षा का निजीकरण, व्यापारीकरण और केंद्रीकरण बढ़ रहा है। इससे गरीब, ग्रामीण और वंचित वर्गों के विद्यार्थियों पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है। संगठन ने राष्ट्रीय शिक्षा नीति के माध्यम से शिक्षा के भगवाकरण को बढ़ावा दिए जाने का भी आरोप लगाया है।
सम्मेलन में छात्र संघ चुनाव बहाल करने, शिक्षकों के रिक्त पद भरने, फीस बढ़ोतरी पर रोक लगाने और सभी शिक्षण संस्थानों में जेंडर सेंसिटाइजेशन कमेटियों के गठन जैसे मुद्दे प्रमुखता से उठाए जाएंगे। इसके अलावा PTA के नाम पर छात्रों से वसूली बंद करने, विश्वविद्यालयों की स्वायत्तता बनाए रखने और CBSE के नाम पर स्टेट बोर्ड को खत्म करने की प्रक्रिया रोकने की मांग पर भी चर्चा होगी।
SFI ने शिक्षण संस्थानों में बढ़ती छात्र आत्महत्याओं को रोकने के लिए प्रभावी कदम उठाने तथा सभी को शिक्षा और रोजगार सुनिश्चित करने की मांग भी उठाई है।
स्वागत समिति में कुल 22 सदस्यों का चयन किया गया है। इनमें घनश्याम चौहान और सनी सेकटा के अलावा बरकत राज, जयशिव, जगतराम, सत्यवान पुंडीर, रंजना जरेठ, जगमोहन ठाकुर, मोहम्मद अनवर, अनिल ठाकुर, रमाकांत मिश्रा, विवेक कश्यप, अनिल, शाहबाज, उपेंद्र, पवन, तिलक राज, प्रवेश, पूजा, फॉल्स चौहान और कृतिका शामिल हैं।
SFI राज्य कमेटी के अनुसार, सम्मेलन में छात्र आंदोलन की दिशा, भविष्य की चुनौतियों और आगामी रणनीति पर विचार-विमर्श किया जाएगा। संगठन ने पूर्व एवं वर्तमान सदस्यों, विद्यार्थियों, शिक्षाविदों, बुद्धिजीवियों और जनवादी संगठनों से सम्मेलन को सफल बनाने में सहयोग की अपील की है।





