
हमीरपुर | 13 अगस्त 2026
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सुजानपुर के नागरिक अस्पताल में सर्व कल्याणकारी ट्रस्ट की ओर से प्रस्तावित निशुल्क स्वास्थ्य जांच शिविर को अनुमति नहीं मिलने का मामला सामने आया है। ट्रस्ट ने अस्पताल प्रशासन और प्रदेश सरकार की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए आरोप लगाया है कि निर्माण कार्य का हवाला देकर शिविर की अनुमति रद्द की गई।
ट्रस्ट के प्रदेश अध्यक्ष अभिषेक राणा ने कहा कि 6 सितंबर को सुजानपुर अस्पताल में निशुल्क स्वास्थ्य जांच शिविर प्रस्तावित था। इसमें विशेषज्ञ चिकित्सकों के माध्यम से लोगों को जांच और स्वास्थ्य परामर्श उपलब्ध करवाया जाना था। अनुमति नहीं मिलने के बाद अब यह शिविर आयोजित नहीं किया जाएगा।
20 जुलाई को किया था आवेदन
अभिषेक राणा के अनुसार, ट्रस्ट ने शिविर के आयोजन की अनुमति के लिए 20 जुलाई को बीएमओ सुजानपुर के कार्यालय में आवेदन किया था। उनका कहना है कि शुरुआत में ट्रस्ट को शिविर के लिए अस्पताल परिसर में स्थान उपलब्ध करवाने की बात कही गई थी।
उन्होंने बताया कि कई दिन तक अनुमति नहीं मिलने के बाद जब ट्रस्ट की ओर से अधिकारियों से संपर्क किया गया तो बताया गया कि अनुमति के लिए मामला सीएमओ हमीरपुर को भेजा गया है। इसके बाद सीएमओ कार्यालय की ओर से स्वास्थ्य विभाग के निदेशक कार्यालय को पत्र भेजे जाने की जानकारी दी गई।
राणा के मुताबिक, निदेशक कार्यालय ने मामले में निर्णय लेने के लिए सीएमओ हमीरपुर को अधिकृत किया। इसके बाद बीएमओ सुजानपुर को भेजे गए पत्र में अस्पताल परिसर में निर्माण कार्य चलने और जगह की कमी का हवाला देते हुए शिविर की अनुमति नहीं दिए जाने की बात कही गई।
‘आम लोगों को मिलती निशुल्क इलाज की सुविधा’
अभिषेक राणा ने आरोप लगाया कि निर्माण कार्य को आधार बनाकर शिविर को रोकना उचित नहीं है। उन्होंने कहा कि शिविर का उद्देश्य ऐसे मरीजों को विशेषज्ञ चिकित्सकीय परामर्श उपलब्ध करवाना था, जो बड़े अस्पतालों तक आसानी से नहीं पहुंच पाते।
उन्होंने दावा किया कि प्रस्तावित शिविर में पीजीआई के चिकित्सक लोगों को उनके घर के नजदीक निशुल्क जांच और स्वास्थ्य परामर्श देने के लिए आने वाले थे। राणा ने कहा कि निजी स्तर पर विशेषज्ञ उपचार के लिए लोगों को काफी खर्च करना पड़ सकता है, ऐसे में इस तरह के निशुल्क शिविर जरूरतमंद मरीजों के लिए महत्वपूर्ण हैं।
ट्रस्ट ने सरकार पर लगाया दबाव का आरोप
ट्रस्ट अध्यक्ष ने आरोप लगाया कि सरकार के दबाव में शिविर की अनुमति नहीं दी गई। हालांकि, इस आरोप के संबंध में प्रशासन या स्वास्थ्य विभाग का पक्ष इस बयान में उपलब्ध नहीं है।
अभिषेक राणा ने कहा कि सर्व कल्याणकारी ट्रस्ट पिछले करीब 25 वर्षों से लोगों की सेवा के लिए स्वास्थ्य समेत विभिन्न क्षेत्रों में काम कर रहा है। उन्होंने कहा कि जिन मरीजों की विशेषज्ञ चिकित्सकों तक पहुंच नहीं हो पाती, उनके लिए ऐसे शिविर महत्वपूर्ण माध्यम हैं।
उन्होंने कहा कि सितंबर में विशेष स्वास्थ्य जांच शिविर लगाने का क्षेत्र के लोगों से वादा किया गया था, लेकिन अनुमति नहीं मिलने के कारण अब यह आयोजन नहीं हो पाएगा।
मामला राजनीतिक रूप भी ले रहा
सर्व कल्याणकारी ट्रस्ट के राष्ट्रीय अध्यक्ष सुजानपुर के पूर्व विधायक एवं भाजपा प्रदेश प्रवक्ता राजेंद्र राणा हैं। ऐसे में शिविर की अनुमति रद्द होने के बाद इस मुद्दे के राजनीतिक रूप लेने की संभावना भी बढ़ गई है।
ट्रस्ट ने अस्पताल प्रशासन से अनुमति नहीं दिए जाने के कारणों को स्पष्ट करने और भविष्य में इस तरह के जनहितकारी स्वास्थ्य शिविरों के आयोजन के लिए सहयोग की मांग की है।





