कुल्लू दशहरा आस्था और विश्वास का प्रतीक, विकास व रोजगार के लिए प्रयास जारी रहेंगे: विक्रमादित्य सिंह

24 अक्टूबर, 2026 | खबर अभी-अभी | कुल्लू

रघुनाथ जी के अस्थायी शिविर में पहुंचकर लोक निर्माण मंत्री ने लिया देवी-देवताओं का आशीर्वाद, कुल्लूवासियों को दी दशहरे की शुभकामनाएं

सुशांत शर्मा, कुल्लू। अंतरराष्ट्रीय कुल्लू दशहरा आस्था, विश्वास और समृद्ध देव संस्कृति का प्रतीक है। इस पर्व पर जिलेभर के देवी-देवताओं के एकत्रित होने से पूरा क्षेत्र भक्तिमय हो उठता है। लोक निर्माण मंत्री विक्रमादित्य सिंह ने दशहरा उत्सव के दौरान भगवान रघुनाथ जी के अस्थायी शिविर में पहुंचकर देवी-देवताओं का आशीर्वाद लिया और कुल्लूवासियों को दशहरे की शुभकामनाएं दीं।

इस अवसर पर उन्होंने क्षेत्र के विकास कार्यों को गति देने, रोजगार के बेहतर अवसर उपलब्ध करवाने और प्राकृतिक आपदाओं से हुए नुकसान की भरपाई के लिए निरंतर प्रयास जारी रखने की प्रतिबद्धता जताई।

विक्रमादित्य सिंह ने कहा कि कुल्लू के देवी-देवताओं का इस पावन पर्व पर एकत्रित होना यहां की विशिष्ट धार्मिक और सांस्कृतिक परंपराओं को दर्शाता है। उन्होंने कहा कि इस अवसर पर देवी-देवताओं का आशीर्वाद प्राप्त करना उनके लिए सौभाग्य की बात है। उन्होंने कामना की कि दशहरे का यह पर्व सभी के जीवन में सुख-समृद्धि और खुशहाली लेकर आए।

आपदा से हुए नुकसान की भरपाई के लिए प्रयास जारी

लोक निर्माण मंत्री ने कहा कि पिछले वर्षों में प्राकृतिक आपदाओं के कारण क्षेत्र को हुए नुकसान की भरपाई करना जरूरी है। इसके लिए लगातार प्रयास किए जाएंगे, ताकि प्रभावित क्षेत्रों में विकास कार्यों को गति मिले और लोगों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध हो सकें।

उन्होंने कहा कि क्षेत्र में विकास को आगे बढ़ाना, रोजगार के साधनों को मजबूत करना और लोगों के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाना प्राथमिकता है। इन लक्ष्यों को हासिल करने के लिए निरंतर प्रयास जारी रहेंगे।

कुल्लू दशहरे के अवसर पर विक्रमादित्य सिंह ने देव संस्कृति और धार्मिक परंपराओं के संरक्षण के साथ क्षेत्र की खुशहाली, विकास और उज्ज्वल भविष्य की कामना की।

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