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शिमला ,
मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने नगर निगम चुनाव के नतीजों पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि मंडी में पूर्व सीएम जयराम ठाकुर नहीं, बल्कि उनके विरोधी अनिल शर्मा जीते हैं। उन्होंने कहा कि अनिल शर्मा उनके मित्र हैं और उनके साथ पारिवारिक संबंध भी हैं। सुक्खू ने कहा कि जयराम ठाकुर को अपने विधानसभा क्षेत्र के आसपास की सीटों को बचाने पर ध्यान देना चाहिए।
रविवार को ओकओवर में पत्रकारों से बातचीत में मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में 3575 पंचायतें हैं और इनमें अधिकांश स्थानों पर कांग्रेस समर्थित प्रतिनिधियों ने जीत दर्ज की है। उन्होंने दावा किया कि शहरी निकाय चुनावों में भी कांग्रेस को जनता का व्यापक समर्थन मिला है। मुख्यमंत्री ने कहा कि मंडी में भाजपा की सफलता के पीछे अनिल शर्मा की सक्रियता रही, जबकि धर्मशाला में सुधीर शर्मा सक्रिय रहे। उन्होंने कहा कि सोलन में कांग्रेस से कुछ गलती हुई। पार्टी में अनुशासन बनाए रखने के लिए टिकट काटने जैसे फैसले लेने पड़े। वहां विधायक कांग्रेस के हैं, लेकिन इस बार डॉ. बिंदल का भाग्य चमका और उनके गुट को सफलता मिली।
सुक्खू ने कहा कि मंडी में मिली जीत में पंडित सुखराम के प्रभाव को भी नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। पिछले कई चुनावों से अनिल शर्मा लगातार जनसमर्थन हासिल करते आ रहे हैं। वहीं, नेरचौक, करसोग और रिवालसर जैसे क्षेत्रों में कांग्रेस ने बेहतर प्रदर्शन किया है। सरकाघाट में दोनों दलों के बीच मुकाबला बराबरी का रहा। मुख्यमंत्री ने कहा कि मंडी नगर निगम के अलावा भाजपा को जोगिंद्रनगर और सुंदरनगर में सफलता मिली। कांग्रेस ने चंबा, कांगड़ा, ऊना और कुल्लू जिलों के कई शहरी निकायों में जीत दर्ज की। कांगड़ा में कांग्रेस ने देहरा, ज्वालामुखी, शाहपुर, नगरोटा, नूरपुर और कांगड़ा समेत कई निकायों में बेहतर प्रदर्शन किया।
पालमपुर का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री सुक्खू ने कहा कि विधायक आशीष बुटेल ने क्षेत्र में अच्छा काम किया है। उन्होंने कहा कि वह स्वयं शिमला से पार्षद रह चुके हैं और स्थानीय निकाय चुनावों में कई अन्य स्थानीय कारक भी प्रभाव डालते हैं।





