नव निर्वाचित जिला परिषद सदस्यों की पहली बैठक आयोजित, विकास कार्यों की समीक्षा

24 सितंबर | खबर अभी अभी | शिमला

जिला परिषद कार्यालय हॉल चलौंठी, शिमला में नव निर्वाचित जिला परिषद सदस्यों की पहली बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता जिला परिषद अध्यक्ष भूपेन्द्र ससोदिया ने की। बैठक में सदस्यों द्वारा अपने-अपने वार्ड से संबंधित लिखित रूप में उठाए गए विकास कार्यों की समीक्षा की गई। इसके अलावा मौखिक रूप से उठाई गई विभिन्न समस्याओं पर संबंधित विभागीय अधिकारियों के साथ चर्चा की गई।

जिला परिषद अध्यक्ष भूपेन्द्र ससोदिया ने सभी नव निर्वाचित सदस्यों को पहली बैठक में शामिल होने पर बधाई दी। उन्होंने कहा कि प्रदेश और जिला के विकास कार्यों को गति देने में जिला परिषद की महत्वपूर्ण भूमिका है। सरकार की विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं एवं विकास कार्यक्रमों का लाभ पात्र लोगों तक पहुंचाने के लिए जिला परिषद सदस्यों को सक्रिय भूमिका निभानी होगी।

उन्होंने कहा कि जिला परिषद सदन विकास कार्यों की कमियों को सामने लाने और सरकार तक जमीनी स्तर की जानकारी पहुंचाने का प्रभावी माध्यम है। उन्होंने बताया कि आने वाले समय में सदस्यों के लिए ऑनलाइन माध्यम से सवाल भेजने और संबंधित अधिकारियों द्वारा ऑनलाइन जवाब उपलब्ध करवाने की व्यवस्था की जाएगी, जिससे समस्याओं का शीघ्र समाधान हो सके।

अतिरिक्त जिला दंडाधिकारी एवं मुख्य कार्यकारी अधिकारी, जिला परिषद शिमला सचिन शर्मा ने स्पष्ट किया कि किसी परियोजना अथवा योजना के प्रारूप में बदलाव करने, स्वीकृत बजट को कम-ज्यादा करने या उसे दूसरी योजना में स्थानांतरित करने का अधिकार जिला परिषद सदन के पास नहीं है। उन्होंने कहा कि सदस्यों का मुख्य दायित्व अपने क्षेत्रों में विकास कार्यों को आगे बढ़ाने के साथ उनकी गुणवत्ता पर नजर रखना भी है।

जिला पंचायत अधिकारी एवं सचिव जिला परिषद डॉ. विनय शर्मा ने बैठक का संचालन किया। उन्होंने बताया कि चार नव निर्वाचित जिला परिषद सदस्यों ने लिखित रूप में समस्याएं एवं प्रश्न भेजे थे। अन्य सदस्यों ने भी मौखिक रूप से अपने क्षेत्रों से जुड़े मुद्दे उठाए, जिन पर संबंधित अधिकारियों के साथ चर्चा की गई।

चौपाल क्षेत्र की समस्याओं पर चर्चा

जिला परिषद सदस्य अतुल शर्मा ने चौपाल विधानसभा क्षेत्र से संबंधित पांच समस्याएं उठाईं। कारगोली नाला से देहा मुख्य मार्ग की मेटलिंग एवं टारिंग के संबंध में लोक निर्माण विभाग के अधिशासी अभियंता ने बताया कि सड़क का टेंडर हो चुका है और आगामी एक सप्ताह में निर्माण कार्य शुरू कर दिया जाएगा।

पुलवाहल से सराह सड़क पर क्रैश बैरियर, पैराफिट, ड्रेन एवं कलवर्ट निर्माण के लिए संबंधित अधिकारियों को जिला परिषद सदस्य के साथ मौके का निरीक्षण करने के निर्देश दिए गए।

एचआरटीसी नेरवा डिपो के तहत बस सेवाओं और बंद रूटों के संबंध में बताया गया कि डिपो के पास वर्तमान में 39 बसें हैं, जो 43 रूटों पर संचालित हो रही हैं। नई इलेक्ट्रिक बसें मिलने के बाद बंद रूटों को बहाल किया जाएगा।

पीएमजीएसवाई के तहत घबास से सराह सड़क निर्माण पर 5.50 करोड़ रुपये खर्च किए जा रहे हैं और कार्य जारी है। क्रैश बैरियर एवं पैराफिट के लिए मौके का निरीक्षण किया जाएगा। वहीं, उठाऊ पेयजल परियोजनाओं के संबंध में बताया गया कि फंड की कमी के कारण कुछ योजनाएं लंबित हैं और उन्हें जल्द पूरा करने के प्रयास किए जा रहे हैं।

कोटगढ़ और ठियोग क्षेत्र की समस्याएं

जिला परिषद सदस्य संदीप शरोल ने चार लिखित समस्याएं उठाईं। कोटगढ़ अस्पताल के अपग्रेडेशन के संबंध में बीएमओ कोटगढ़ ने बताया कि अस्पताल के अंतर्गत 11 पंचायतें आती हैं। ओपीडी कम होने के कारण निर्धारित मानदंड पूरे नहीं हो पा रहे हैं, हालांकि अस्पताल अपग्रेडेशन का मामला सरकार को स्वीकृति के लिए भेजा गया है।

कुर्पन पेयजल योजना के संबंध में जल शक्ति विभाग के अधिशासी अभियंता ने बताया कि यह प्रदेश की निर्माणाधीन बड़ी पेयजल योजनाओं में से एक है। इसके माध्यम से ठियोग विधानसभा क्षेत्र की लगभग 1.31 लाख बस्तियों को कवर किया जाना है। योजना के प्रथम चरण का कार्य 2016 और दूसरे चरण का कार्य 2022 में शुरू हुआ था। योजना पर अब तक 288 करोड़ रुपये खर्च किए जा चुके हैं। भू-स्खलन के कारण प्रभावित हुई योजना का निर्माण कार्य दोबारा शुरू कर दिया गया है। इसे पूरा करने के लिए 49 करोड़ रुपये के अतिरिक्त बजट की आवश्यकता है।

बस रूट बंद होने के संबंध में एचआरटीसी रामपुर के क्षेत्रीय प्रबंधक ने बताया कि रामपुर डिपो के तहत वर्तमान में 115 बसें संचालित हैं। इलेक्ट्रिक बसें मिलने के बाद बंद रूटों को बहाल किया जाएगा।

एसजेवीएन लुहरी जल विद्युत परियोजना से होने वाले प्रदूषण एवं पर्यावरणीय क्षति की भरपाई के मुद्दे पर भी चर्चा हुई। बताया गया कि परियोजना का निर्माण कार्य लगभग पूरा होने की स्थिति में है, जबकि संबंधित एग्रीमेंट का इंप्लीमेंटेशन लंबित है।

जुनगा क्षेत्र की सड़क और पेयजल समस्याएं

जिला परिषद सदस्य खुश विक्रमसेन ने चार लिखित सवाल उठाए। गिरी से कुफरी होते हुए जुनगा उठाऊ पेयजल योजना के संबंध में बताया गया कि योजना को जल जीवन मिशन के तहत स्वीकृति मिली थी। बजट समाप्त होने के कारण निर्माण कार्य फिलहाल बंद है और अतिरिक्त बजट के लिए मामला केंद्र सरकार को भेजा गया है। बजट उपलब्ध होने के बाद कार्य दोबारा शुरू किया जाएगा।

कुफरी-चायल सड़क तथा मेहली-साधुपुल वाया जुनगा सड़क की स्थिति पर लोक निर्माण विभाग ने बताया कि मेहली-साधुपुल सड़क के प्रथम चरण में मेहली से जुनगा की ओर एक किलोमीटर सड़क का कार्य पूरा हो चुका है। दूसरे चरण में चार किलोमीटर सड़क को पक्का करने के लिए बजट स्वीकृत हो चुका है और टेंडर प्रक्रिया भी पूरी कर ली गई है। आगामी एक माह में मेटलिंग एवं टारिंग का कार्य शुरू किया जाएगा।

कुफरी-चायल सड़क के अपग्रेडेशन का कार्य भी जारी है और इसे 2027 के मध्य तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।

खुश विक्रमसेन ने सांसद हर्ष महाजन द्वारा जुनगा अस्पताल को दान की गई एंबुलेंस के संचालन के लिए डेपुटेशन पर भेजे गए चालक को वापस जुनगा अस्पताल भेजने का आग्रह भी किया।

देहा-चौपाल-नेरवा-फेडचपुल सड़क को राष्ट्रीय राजमार्ग घोषित करने का प्रस्ताव

बैठक में सैंज राष्ट्रीय राजमार्ग-705 से देहा-चौपाल-नेरवा-फेडचपुल सड़क को राष्ट्रीय राजमार्ग घोषित करने के लिए सदन में प्रस्ताव पारित किया गया। प्रस्ताव को आगामी आवश्यक कार्रवाई के लिए सरकार को भेजने का निर्णय लिया गया।

इसके अलावा जिला परिषद सदस्यों ने सड़क, बिजली, पेयजल, स्वास्थ्य, शिक्षा, सामाजिक कल्याण और ग्रामीण विकास से जुड़े विभिन्न मुद्दे मौखिक रूप से भी उठाए। संबंधित विभागीय अधिकारियों ने प्रश्नों के जवाब दिए और समस्याओं के समाधान के संबंध में आवश्यक जानकारी उपलब्ध करवाई।

बैठक में जिला परिषद उपाध्यक्ष भरत सिंह कालांटा, जिला पंचायत अधिकारी एवं सचिव जिला परिषद डॉ. विनय शर्मा, सभी जिला परिषद सदस्य, विभिन्न विभागों के अधिकारी एवं अन्य गणमान्य लोग उपस्थित रहे।

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