
15 सितंबर 2026 | खबर अभी अभी | शिमला

शिमला। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष डॉ. राजीव बिंदल ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने आरोप लगाया कि राहुल गांधी देशभर में अपनी तथाकथित ‘मोहब्बत की दुकान’ की बात करते हैं, लेकिन हिमाचल प्रदेश में कांग्रेस सरकार के कार्यकाल के दौरान बेरोजगार युवाओं से किए गए वादों को लेकर उनकी यह मोहब्बत दिखाई नहीं देती।
एक लाख सरकारी नौकरियों के वादे पर सवाल
डॉ. बिंदल ने कहा कि विधानसभा चुनाव के दौरान राहुल गांधी, प्रियंका गांधी और कांग्रेस नेतृत्व ने हिमाचल के युवाओं से एक लाख सरकारी नौकरियां देने, पहली कैबिनेट में रोजगार की दिशा में कदम उठाने और पांच लाख रोजगार के अवसर उपलब्ध करवाने के वादे किए थे।
उन्होंने कहा कि सत्ता में आने के बाद कांग्रेस सरकार अपने वादों से पीछे हट गई। आज प्रदेश का बेरोजगार युवा इन वादों का हिसाब मांग रहा है।
डॉ. बिंदल ने कहा, “हिमाचल का बेरोजगार युवा आज राहुल गांधी से पूछ रहा है कि जब आपकी अपनी पार्टी की सरकार हमारे साथ वादाखिलाफी कर रही है, तब आपकी ‘मोहब्बत की दुकान’ कहां है?”
‘खटाखट मॉडल’ पर भी साधा निशाना
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने राहुल गांधी के चुनावी प्रचार में इस्तेमाल किए गए ‘खटाखट’ शब्द पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि महिलाओं, गरीबों और आम परिवारों को आर्थिक राहत के बड़े-बड़े सपने दिखाए गए, लेकिन आज हिमाचल की जनता उन वादों और गारंटियों का हिसाब मांग रही है।
उन्होंने सवाल किया कि एक लाख सरकारी नौकरियों और पांच लाख रोजगार की घोषणा का क्या हुआ और राहुल गांधी का ‘खटाखट मॉडल’ हिमाचल पहुंचते-पहुंचते कहां गायब हो गया।
भ्रष्टाचार के आरोपों पर निष्पक्ष जांच की मांग
डॉ. बिंदल ने आरोप लगाया कि कांग्रेस सरकार की प्राथमिकता युवाओं को रोजगार और जनता को राहत देने के बजाय राजनीतिक हित साधना बन गई है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस की विभिन्न सरकारों पर भ्रष्टाचार और वित्तीय अनियमितताओं को लेकर सवाल उठ रहे हैं।
उन्होंने कहा कि हिमाचल में भाजपा लगातार सरकारी निर्णयों, ठेकों, खनन और सार्वजनिक संसाधनों से जुड़े मामलों में पारदर्शिता और निष्पक्ष जांच की मांग कर रही है। उन्होंने कहा कि भ्रष्टाचार के किसी भी आरोप की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए और दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ कानून के अनुसार कार्रवाई होनी चाहिए।
राहुल गांधी से हिमाचल आने का आह्वान
डॉ. बिंदल ने राहुल गांधी से हिमाचल आकर बेरोजगार युवाओं और महिलाओं से मिलने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि जनता को भाषण नहीं, बल्कि कांग्रेस की गारंटियों और चुनावी वादों का हिसाब चाहिए।
उन्होंने कहा कि ‘मोहब्बत की दुकान’ केवल भाषणों में नहीं, बल्कि युवाओं को रोजगार देने, महिलाओं से किए वादे निभाने, गरीबों को राहत देने और शासन में पारदर्शिता सुनिश्चित करने में दिखाई देनी चाहिए। राहुल गांधी को पहले हिमाचल में कांग्रेस सरकार की गारंटियों का हिसाब देना चाहिए और उसके बाद देश को मोहब्बत का पाठ पढ़ाना चाहिए।





